भाजपा का नाम लेकर बस चालकों से कट मनी वसूली…

भाजपा का नाम लेकर बस चालकों से कट मनी वसूली…

आसनसोल बस स्टैंड में असीम मित्र उर्फ बच्चू रंगे हाथ पकड़ा गया, भाजपा नेता नीलू हाजरा ने बनाया वीडियो

आसनसोल(ASANSOL): पश्चिम बंगाल आसनसोल बस स्टैंड में वर्षों से चल रहे कथित “कट मनी” और अवैध वसूली के खेल को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। भाजपा नेता नीलू हाजरा ने असीम मित्र उर्फ बच्चू को बस चालकों से पैसे वसूलते हुए रंगे हाथ पकड़ने का दावा किया है। इस दौरान बनाया गया वीडियो अब इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
वीडियो में असीम मित्र कथित तौर पर यह कहते हुए दिखाई दे रहा है कि पहले वह तृणमूल कांग्रेस की सरकार में पैसे वसूलता था और अब भाजपा की सरकार आने के बाद भी उसे वसूली करने का “आदेश” मिला है। वीडियो में उसने प्रदीप सिंह नामक एक भाजपा नेता का नाम भी लिया है।
घटना के दौरान भाजपा नेता नीलू हाजरा ने असीम मित्र को फटकार लगाते हुए कहा कि जिस इलाके में वह अवैध वसूली कर रहा है, वह भाजपा विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी का विधानसभा क्षेत्र है और वहां किसी भी प्रकार की “दूरनीति” या कट मनी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बर्धमान भाजपा जिलाध्यक्ष देबत्नु भट्टाचार्य का भी स्पष्ट निर्देश है कि पार्टी के नाम पर कोई अवैध वसूली या भ्रष्टाचार नहीं चलेगा।

15 साल से वसूली का आरोप, नगर निगम फंड में गड़बड़ी का मामला भी जुड़ा

असीम मित्र उर्फ बच्चू वही व्यक्ति बताया जा रहा है जिस पर पिछले करीब 15 वर्षों से बस स्टैंड “डेवलपमेंट फीस” के नाम पर बस चालकों से पैसे वसूलने का आरोप लगता रहा है। आरोप है कि वह प्रति बस 10 से 20 रुपये तक वसूलता था और इसके लिए रसीद भी देता था।
इस मामले को लेकर तृणमूल के श्रमिक नेता राजू अहलूवालिया ने पहले भी गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने 2014 में तत्कालीन मेयर और पूर्व विधायक तापस बनर्जी द्वारा दक्षिण थाना प्रभारी को भेजे गए एक पत्र का हवाला देते हुए कहा था कि अगस्त 2009 से फरवरी 2014 तक करीब 26 लाख 40 हजार रुपये वसूले गए, लेकिन नगर निगम के खाते में केवल 8 लाख 39 हजार 350 रुपये ही जमा हुए।
नगर निगम की ओर से उस समय लगभग 18 लाख रुपये से अधिक राशि जमा नहीं होने का दावा करते हुए पुलिस कार्रवाई की मांग भी की गई थी।

RTI में उठे कई सवाल

राजू अहलूवालिया ने सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) के तहत आसनसोल नगर निगम से कई सवाल पूछे थे, जिनमें शामिल थे—
निजी व्यक्ति को वसूली की अनुमति किस नियम के तहत दी गई?
कुल कितनी राशि वसूली गई?
निगम के खाते में कितनी राशि जमा हुई?
कितनी रकम अब भी बकाया है?
क्या वसूली के लिए आधिकारिक रसीद जारी की जाती थी?
उन्होंने आरोप लगाया कि पारदर्शी प्रक्रिया के बिना “करीबी लोगों” को टेंडर देने से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला।

भाजपा विधायक बोले — दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

आसनसोल उत्तर के भाजपा विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने कहा कि यदि नगर निगम या किसी राजनीतिक दल के नाम पर अवैध वसूली हो रही है तो इसकी जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा,
“भाजपा सरकार में कट मनी, सिंडिकेट और भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर संरक्षण नहीं मिलेगा

हर दिन हजारों की वसूली का आरोप

जानकारी के अनुसार आसनसोल बस स्टैंड में करीब 350 मिनी बसें और 250 बड़ी बसें संचालित होती हैं। आरोप है कि प्रत्येक बस से प्रतिदिन 10 से 20 रुपये तक वसूले जाते हैं।
10 रुपये प्रति बस के हिसाब से प्रतिदिन लगभग 6,500 रुपये
20 रुपये प्रति बस के हिसाब से प्रतिदिन लगभग 13 हजार रुपये तक वसूली
महीने और साल के हिसाब से यह रकम लाखों रुपये तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

बस चालकों में डर का माहौल

राजू अहलूवालिया का आरोप है कि कई बस चालक डर और दबाव के कारण खुलकर विरोध नहीं कर पाते। उन्होंने दावा किया कि विरोध करने वालों के साथ कथित सिंडिकेट से जुड़े लोग दुर्व्यवहार और हाथापाई तक करते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि वर्षों से वसूले गए पैसों का सही उपयोग होता तो आज बस स्टैंड में यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलतीं। वर्तमान में पेयजल, शौचालय, प्रतीक्षालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति खराब बताई जा रही है।

NEWSANP के लिए अतिक रहमान की रिपोर्ट

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