बोलपुर(BOLPUR): बीरभूम जिले के बोलपुर महकमा अस्पताल के लेबर रूम में एक प्रसूता के साथ अस्पताल के एक स्टाफ द्वारा अशालीन आचरण किए जाने का मामला प्रकाश में आया है. घटना को लेकर शांति निकेतन थाना समेत अस्पताल अधीक्षक को पीड़ित परिवार की ओर से शिकायत दर्ज की गई है. सरकारी अस्पताल में इस हरकत के सामने आने से एक बार फिर सरकारी अस्पताल में महिला मरीज की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़ा हो गया है. बोलपुर महकमा अस्पताल के अधीक्षक दिवाकर सरदार ने कहा कि लिखित शिकायत मिली है. तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है. घटना के दिन कौन स्टाफ ड्यूटी में था और किसने इस तरह की हरकत को अंजाम दिया.इसकी जांच कर आरोपी के खिलाफ उपयुक्त कार्यवाही की जाएगी. मालूम हो कि गत 7 अक्टूबर को एक प्रसूता को प्रसव पीड़ा के कारण बोलपुर महकमा अस्पताल में भर्ती कराया गया था. परिवार और अस्पताल के सूत्रों ने कहा कि अजन्मे बच्चे को लेकर कुछ जटिलताएँ है. दर्द बढ़ने के कारण ऑपरेशन मरीज को 10 अक्टूबर को लेबर रूम में ले जाया गया.आरोप है कि उस रात 11 बजे से 12 बजे तक लेबर रूम में अस्पताल का एक कर्मचारी प्रसूता के गालों समेत शरीर के विभिन्न अंगों पर हाथ फेरता रहा. इतना ही नहीं प्रसूता को तरह-तरह से गुमराह किया जाता रहा था. यह सिलसिला काफी समय तक चलता रहा. बाद में प्रसूता को बेड पर ही यातनाएं दी गईं और जान जाने के डर से उसकी मां को सब कुछ दबाना पड़ा.छुट्टियों के दौरान पीड़िता ने अस्पताल के सुपर को घटना की लिखित शिकायत की. रविवार शाम को मरीज की मां ने शांतिनिकेतन थाने भी में लिखित शिकायत दर्ज कराई है.पीड़िता की मां ने कहा, अस्पताल के उक्त कर्मचारी ने लेबर रूम में मेरी बेटी के साथ अशालीन आचरण किया .घटना के दिन डर के कारण कोई शिकायत नहीं कर सकी थी. घटना को लेकर बीरभूम जिला पुलिस अधीक्षक अमनदीप ने कहा मुझे शिकायतें मिली हैं. पुलिस ने मामले की जांच में जुट गई है.
NEWSANP के लिए अतीक रहमान की रिपोर्ट…

