धनबाद(DHANBAD):राष्ट्रीय कार्यक्रम एनपीएचसीइ योजना के तहत वर्ष 2024-25 में वृद्धजनों के बीच सपोर्टिव डिवाइस का वितरण किया जाना था. उद्देश्य था शारीरिक रूप से कमजोर या चलने-फिरने में दिक्कत झेल रहे वरिष्ठ नागरिकों को सहारा देना. योजना के तहत कुल छह प्रकार के सहायक उपकरण (सपोर्टिव डिवाइस) उपलब्ध कराना था. इनमें कैलिपर्स के अलावा वॉकिंग स्टिक, इंफ्रारेड लैंप, सोल्जर वीट, पूले व वाॅकर शामिल थे. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली और लापरवाही ने योजना को मजाक बना दिया. बुजुर्गों के पैरों में पहनने के लिए ऑर्थोपेडिक कैलिपर्स (यह विकलांग या कमजोर पैरों को सहारा देने के लिए लगाया जाता है) की जगह विभाग ने वर्नियर कैलिपर्स खरीद लिया, जो एक मापने वाला यंत्र है. वर्नियर कैलिपर्स का इस्तेमाल इंजीनियरिंग या मशीनरी में लंबाई, चौड़ाई व मोटाई आदि नापने में किया जाता है.
जांच में गड़बड़ी का हुआ खुलासा :
एनसीडी को बिना सूचना दिये की उपकरणों की खरीद :
सवाल, जो उठ रहे
बुजुर्गों के लिए वर्नियर कैलिपर्स का क्या उपयोग है.
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

