बीबीएमकेयू में बिनोद बिहारी की प्रतिमा अनावरण से पहले छात्रों ने गिनाई खामियां, बोले- बच्चों के भविष्य के साथ खिलावाड़!…

बीबीएमकेयू में बिनोद बिहारी की प्रतिमा अनावरण से पहले छात्रों ने गिनाई खामियां, बोले- बच्चों के भविष्य के साथ खिलावाड़!…

धनबाद(DHANBAD) : बीबीएमकेयू में बिनोद बिहारी महतो की प्रतिमा का अनावरण राज्यपाल संतोष गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे. अनावरण के लिए दोपहर एक बजे का समय निर्धारित है. उनके आगमन पर विशेषकर छात्रों में उत्साह देखने को मिल रहा है. हालांकि कुछ छात्रों ने ईटीवी भारत से बातचीत के दौरान यूनिवर्सिटी की कमियों को बताया. छात्रों ने टीचर्स की कमी को दूर करना, लैब के साथ-साथ लाइब्रेरी की शुरुआत करने की मांग की है.

प्रैक्टिकल के लिए लैब की व्यवस्था नहीं
एमएससी के छात्र अभिषेक कुमार का कहना है कि केमिस्ट्री डिपार्टमेंट में थ्योरी करते हैं, लेकिन प्रैक्टिकल के लिए लैब का इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं. केमिस्ट्री में प्रैक्टिकल बेहद जरूरी है. लैब से ही केमिकल के साथ-साथ अन्य चीजों की जानकारी मिल पाती है. उन्होंने बताया कि यहां लाइब्रेरी तो बन गई है लेकिन अब तक उसे शुरू नहीं किया गया है. यूनिवर्सिटी में टीचर्स की संख्या भी काफी कम है.

डिग्रियां लेने से कोई फायदा होगा?
एमएससी की पढ़ाई कर रहे आकाश चंद्र गुप्ता ने कहा कि मास्टर डिग्री करने वाले छात्रों को अगर प्रैक्टिकल की व्यवस्था नहीं है तो मास्टर करने क्या फायदा होगा? आगे चलकर हम पीएचडी करेंगे उस समय हमें कई चीजों की जानकारी नहीं होगी. उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता है कि सिर्फ डिग्री लेने से कोई फायदा होगा? भविष्य में यदि हम प्रोफेसर या टीचर्स बनते हैं, उस वक्त हम बच्चों को सही जानकारी नहीं उपलब्ध करा पाएंगे.

बच्चों के भविष्य के साथ खिलावाड़!
छात्र आकाश का कहना है कि मैं मानता हूं कि सरकारी कार्यों में विलंब होता है लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में कमियों के समय से दूर नहीं करने पर बच्चों के भविष्य के साथ खिलावाड़ है. मुख्यमंत्री और राज्यपाल से मांग करते हैं कि जो भी कमियां यूनिवर्सिटी में है, उन्हें जल्द दूर करने की कोशिश करें.

गुणवत्तापूर्प शिक्षा के साथ कैंपस प्लेसमेंट की मांग
एक और छात्र जसीम अंसारी ने बताया कि सिर्फ डिग्रियां ही यूनिवर्सिटी से नहीं मिले बल्कि उद्योग सेक्टर की भी स्थापना की जरूरत है. छोटे-छोटे स्तर पर उद्योग की स्थापना की जरूरत है. जहां छात्र उद्योग के बारे में ट्रेनिंग ले सकें. उस ट्रेनिंग के बाद वह खुद के उद्योग धंधे लगा सके. डिग्री लेने के बाद उन्हें बेरोजगारी का सामना ना करने पड़े. शिक्षा प्राप्ति के बाद बेरोजगारी एक बहुत बड़ी समस्या है, इसे दूर करने के लिए यहां सार्थक प्रयास करने की जरूरत है.

NEWSANP के लिए धनबाद से ब्यूरो रिपोर्ट

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