DESK: बीच समंदर में उस वक्त बड़ा मोड़ आ गया, जब भारत की ओर बढ़ रहा ईरानी तेल से भरा एक विशाल टैंकर अचानक अपना रास्ता बदलकर चीन की ओर मुड़ गया।
बताया जा रहा है कि यह जहाज गुजरात के वडीनार पोर्ट के करीब पहुंच चुका था, लेकिन आखिरी समय में दिशा बदल दी गई। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और कूटनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।
आखिर ऐसा क्या हुआ कि जहाज को बीच रास्ते से लौटना पड़ा?
सूत्रों के मुताबिक, इसके पीछे कई बड़ी वजहें हो सकती हैं। पहली—ईरान पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध, जिनकी वजह से भुगतान और बीमा जैसी प्रक्रियाएं बेहद जटिल हो जाती हैं। दूसरी—भारत पिछले कई सालों से ईरानी तेल नहीं खरीद रहा, ऐसे में यह डील पहले से ही संवेदनशील थी।
इसके अलावा, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और होर्मुज़ स्ट्रेट के आसपास की अस्थिर स्थिति ने भी इस फैसले को प्रभावित किया हो सकता है।
अब सवाल ये है कि जहाज चीन ही क्यों गया?
दरअसल, चीन ईरानी तेल का सबसे बड़ा खरीदार है और वह इन प्रतिबंधों के बावजूद भी खरीदारी जारी रखता है। ऐसे में व्यापारिक नजरिए से चीन एक सुरक्षित विकल्प बन गया।
तो कुल मिलाकर, यह कोई रहस्यमय घटना नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति, आर्थिक दबाव और सुरक्षा चिंताओं का मिला-जुला असर है।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

