जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा स्थित पानीपाड़ा-नागुईसाई के पास सुवर्णरेखा नदी तट पर मिले द्वितीय विश्वयुद्ध के समय के जिंदा बम को बुधवार को भारतीय सेना ने सफलतापूर्वक डिफ्यूज कर दिया।
यूएसए ANM-64 मार्का वाले अमेरिका निर्मित 227 किलोग्राम वजनी इस बम को सेना के विशेषज्ञों ने 10 फीट गहरे गड्ढे में रखकर विस्फोट के जरिए निष्क्रिय किया। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि धमाके की गूंज दूर-दूर तक सुनाई दी और नदी की रेत के साथ आग व धुएं का गुबार करीब 100 मीटर की ऊंचाई तक आसमान में उठा।
सेना के नेतृत्व में चला ऑपरेशन भारतीय सेना के कैप्टन आयुष कुमार सिंह के नेतृत्व और लेफ्टिनेंट कर्नल धर्मेंद्र सिंह के दिशा-निर्देश में इस बेहद संवेदनशील ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। सुरक्षा के मद्देनजर विस्फोट स्थल से 1000 मीटर की दूरी तक घेराबंदी की गई थी। बंगाल-झारखंड सीमा पर लोगों के प्रवेश को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया था।
कलाइकुंडा एयरबेस को दी गई सूचना ,कलाइकुंडा एयरबेस को सूचित करने के बाद, सेना ने लगभग एक किमी की सुरक्षित दूरी से डेटोनेटर के माध्यम से बम में विस्फोट किया। किसी भी अनहोनी से बचने के लिए बम को गड्ढे में रखकर बालू की बोरियों से ढका गया था।
गौरतलब है कि सुवर्णरेखा नदी तट पर यह दूसरी बार जिंदा बम मिला है। इससे पहले भी इसी क्षेत्र से द्वितीय विश्वयुद्ध के समय के बम बरामद कर डिफ्यूज किए जा चुके हैं। 15 दिन के भीतर यह तीसरा बम डिफ्यूज किया गया है।
डिफ्यूज की कार्रवाई पूरी होने के बाद सेना ने इलाके को सुरक्षित घोषित कर दिया। जिला प्रशासन और स्थानीय लोगों ने सेना के प्रति आभार जताया है।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

