धनबाद(DHANBAD): पंचांग के अनुसार माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस वर्ष 23 जनवरी, शुक्रवार को बसंत पंचमी मनाई जाएगी। खास बात यह है कि इस बार पंचमी तिथि को लेकर किसी भी प्रकार का कोई संशय नहीं है, क्योंकि 23 जनवरी को सूर्योदय से पहले ही पंचमी तिथि आरंभ हो जाएगी और पूरे दिन बनी रहेगी।
बसंत पंचमी का महत्व
बसंत पंचमी का दिन मां सरस्वती की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार इसी दिन ज्ञान, विद्या, बुद्धि, वाणी और कला की देवी मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ था। पौराणिक कथा के अनुसार भगवान ब्रह्मा ने इसी दिन मां सरस्वती की रचना की थी। जब मां ने वीणा का मधुर स्वर छेड़ा, तब संपूर्ण सृष्टि में संगीत और वाणी का संचार हुआ।
इस दिन से वसंत ऋतु का आगमन भी माना जाता है। ज्योतिषाचार्य विभोर इंदूसुत के अनुसार भारतीय गणना में वसंत को ऋतुराज कहा गया है और बसंत पंचमी ऋतु परिवर्तन का प्रतीक पर्व है।
शुभ कार्यों के लिए विशेष दिन
बसंत पंचमी को अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन
विवाह
मुंडन
नामकरण
गृह प्रवेश
खरीदारी
जैसे मांगलिक कार्य बिना किसी विशेष मुहूर्त के किए जा सकते हैं। मान्यता है कि इस दिन विवाह करने वाले जोड़ों को देवी-देवताओं का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है और उनका रिश्ता सात जन्मों तक बना रहता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का तिलकोत्सव भी हुआ था।
बसंत पंचमी पूजा का शुभ मुहूर्त
तिथि: 23 जनवरी (पूरा दिन)
शुभ पूजा समय: सुबह 7:17 बजे से 10:30 बजे तक
इस दौरान चर, लाभ और अमृत चौघड़िया उपलब्ध रहेंगे
बसंत पंचमी पूजा विधि
सुबह स्नान कर पीले या हल्के रंग के वस्त्र धारण करें।
घर के मंदिर या स्वच्छ स्थान पर मां सरस्वती की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
चौकी पर पीला वस्त्र बिछाकर दीपक जलाएं।
मां को पीले फूल, हल्दी और अक्षत अर्पित करें।
पेन, कॉपी, किताबें या वाद्य यंत्र मां के पास रखें।
धूप-दीप दिखाकर मां सरस्वती का ध्यान करें और मंत्र या सरल प्रार्थना करें।
अंत में पीली मिठाई का भोग लगाकर प्रसाद वितरित करें।
सरस्वती पूजा में अवश्य शामिल करें ये चीजें
🔸 पीले फूल और वस्त्र
पीला रंग बसंत पंचमी का प्रतीक है। इससे मां सरस्वती प्रसन्न होती हैं।
🔸 पेन, कॉपी और किताबें
विद्यार्थियों के लिए यह दिन विशेष फलदायी माना जाता है।
🔸 पीली मिठाई का भोग
बेसन के लड्डू, बूंदी, खीर या मालपुआ अर्पित करना शुभ होता है।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

