जामताड़ा(JAMTADA): जामताड़ा में ईद-उल-जोहा (बकरीद) पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। उपायुक्त आलोक कुमार एवं पुलिस अधीक्षक शंभु कुमार सिंह ने संयुक्त आदेश जारी कर जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने, सोशल मीडिया पर निगरानी रखने तथा 24 घंटे जिला नियंत्रण कक्ष सक्रिय रखने का निर्देश दिया है।
प्रशासन ने बताया कि बकरीद के अवसर पर जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष चौकसी बरती जाएगी। चार क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) भी सक्रिय रहेंगी। नमाज स्थलों, ईदगाहों और मस्जिदों में वीडियो रिकॉर्डिंग तथा अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
बकरीद : त्याग, आस्था और भाईचारे का पर्व
ईद-उल-जोहा को त्याग, समर्पण और इंसानियत का प्रतीक माना जाता है। यह पर्व समाज में आपसी प्रेम, सहयोग और भाईचारे का संदेश देता है। भारतीय संस्कृति की यही खूबसूरती रही है कि यहां त्योहार केवल एक समुदाय तक सीमित नहीं रहते, बल्कि पूरे समाज को जोड़ने का माध्यम बन जाते हैं।
भारत की इसी साझा संस्कृति को हिंदी सिनेमा और संगीत ने भी मजबूत किया। मोहम्मद रफी की आवाज़ में इंसानियत और मोहब्बत की मिठास थी, वहीं किशोर कुमार ने जीवन के उल्लास को सुर दिए और मुकेश के गीतों ने दिलों को जोड़ने वाली संवेदनाओं को स्वर प्रदान किया।
इन महान गायकों के गीत भारतीय गंगा-जमुनी तहजीब के प्रतीक माने जाते हैं, जहां धर्म से ऊपर इंसानियत और प्रेम की भावना दिखाई देती है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से शांति, सौहार्द और सामाजिक समरसता बनाए रखने की अपील की है। खुले में कुर्बानी नहीं देने, पर्यावरण का ध्यान रखने तथा किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने को कहा गया है।
साथ ही किसी भी आपात स्थिति के लिए जिला नियंत्रण कक्ष और हेल्पलाइन नंबर 112 को 24 घंटे सक्रिय रखा गया है।

