
जामताड़ा(JAMTADA):1. ‘पुत के पांव पालने में’—जामताड़ा को मिला एक संकल्पशील प्रशासक
लोकवाक्य है—“पुत के पांव पालने में दिख जाते हैं”, अर्थात् महानता और कार्यक्षमता के संकेत बचपन से ही नजर आने लगते हैं। जामताड़ा के नवनियुक्त उपायुक्त रवि आनंद इसका जीवंत उदाहरण हैं, जिनकी प्रशासनिक यात्रा बचपन से ही मेहनत और अनुशासन की रेखाओं से अंकित रही है।
2. मूलतः झारखंड के दुमका निवासी, सामान्य पृष्ठभूमि से ऊंची उड़ान
रवि आनंद मूल रूप से झारखंड के दुमका जिले के रहने वाले हैं।
- उनके पिता दीपक कुमार शर्मा सिंचाई विभाग में सहायक अभियंता के पद पर कार्यरत हैं।
- माता विंदु शर्मा एक गृहिणी हैं, जिन्होंने पारिवारिक मूल्यों को सशक्त आधार दिया।
- जहां चाह, वहां राह*”—इस कहावत को चरितार्थ करते हुए रवि ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी राह स्वयं गढ़ी।
3. बचपन से अध्ययन में तेज, प्रारंभिक शिक्षा दुमका से
- रवि ने कक्षा 4 तक की पढ़ाई दुमका में की।
- इसके बाद वे अपने पिता के साथ अन्यत्र रहकर पढ़ाई करते रहे।
- “बूंद-बूंद से सागर भरता है”—हर कक्षा, हर परीक्षा ने उन्हें सिविल सेवा की ओर एक क़दम और आगे बढ़ाया।
4. कोटा से 12वीं, फिर IIT खड़गपुर से बीटेक
- 12वीं की पढ़ाई के लिए कोटा, राजस्थान चले गए, जो आज भारत का प्रमुख कोचिंग हब है।
- बाद में उन्होंने IIT खड़गपुर से बीटेक (इंजीनियरिंग) की डिग्री प्राप्त की।
- युवाओं के लिए यह संदेश—“असफलता से नहीं, असमर्थ सोच से डरें।”
5. कॉर्पोरेट करियर छोड़ा, राष्ट्रसेवा का व्रत लिया
- IIT के बाद रवि को रिलायंस कंपनी में नौकरी मिल गई थी।
- लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने वह नौकरी स्वेच्छा से छोड़ दी और सिविल सेवा की ओर कदम बढ़ाया।
- यह निर्णय खुद में कहता है—“सोने को तपाया जाए, तभी कुंदन बनता है।”
6. भाई के साथ दिल्ली में तैयारी, तीसरे प्रयास में 79वीं रैंक
- वे अपने बड़े भाई के साथ दिल्ली में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने लगे।
- तीसरे प्रयास में, साल 2017 में UPSC में 79वीं रैंक हासिल की।
- “दृढ़ निश्चय हो तो पत्थर भी पिघल जाते हैं”—उनकी सफलता इसी का प्रमाण है।
7. सिविल सेवा तैयारी पर रवि की सलाह: सही रणनीति, लगातार अभ्यास
- ग्रेजुएशन के अंतिम वर्ष से ही तैयारी शुरू करने की सलाह।
- नियमित समाचार-पत्र पढ़ना, NCERT किताबें, और विश्वसनीय स्टडी मटेरियल अत्यंत जरूरी।
- इंटरनेट आधारित सामग्री भी सहयोगी हो सकती है—बशर्ते सही चयन किया जाए।
8. वैकल्पिक विषय का चयन: रुचि को प्राथमिकता दें
- उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऑप्शनल सब्जेक्ट का चयन रुचि के अनुसार करें, न कि दूसरों के प्रभाव में आकर।
- यह बात विद्यार्थियों के लिए एक अमूल्य मंत्र है—“मन से पढ़ो, तो लक्ष्य दूर नहीं।”
9. कोचिंग और गाइडेंस पर विचार: पढ़ाई स्वयं करनी होती है
- कोचिंग गाइडेंस के लिए उपयोगी है लेकिन मुख्य अध्ययन अभ्यर्थी को खुद करना चाहिए।
- उन्होंने कहा—“सिविल सेवा की परीक्षा में सफलता का मार्ग कोई जादू नहीं, सतत साधना है।”
10. जामताड़ा को लेकर अब उनकी चुनौती
- अब जब रवि आनंद जामताड़ा जैसे संवेदनशील जिले के 26वें उपायुक्त बने हैं, तो उनसे अपेक्षाएं भी बढ़ गई हैं।
- यहां की शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून व्यवस्था, बेरोजगारी जैसे मुद्दे चुनौती बनकर सामने खड़े हैं।
- “जहां अंधेरा घना हो, वहीं दीपक की सबसे अधिक जरूरत होती है।”
- जनता की आशा है कि रवि आनंद के नेतृत्व में जामताड़ा नया अध्याय लिखेगा।
11. भविष्य की झलक: जामताड़ा की नई सुबह की ओर
संदेश:*
“बचपन से दिखा था जुनून, अब जिले की तस्वीर बदलना है जुनून।”
NEWSANP के लिए जामताडा से आर पी सिंह की रिपोर्ट

