DESK:ईरान में चल रहे इस्लामिक सरकार विरोधी प्रदर्शन से पाकिस्तान के लिए डिप्लोमेटिक मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। आशंका है कि अमेरिका, ईरान पर हमला कर सकता है। डोनाल्ड ट्रंप कह चुके हैं कि ‘मदद बीच रास्ते मैं है’, जिससे आशंका है कि ईरान में अमेरिका सीधा हस्तक्षेप कर सकता है। इस बीच पाकिस्तान में उलझन इस बात को लेकर है कि वो ईरान की इस्लामिक सरकार के साथ खड़ा हो या डोनाल्ड ट्रंप के। पाकिस्तान ने पिछले कुछ महीनों से डोनाल्ड ट्रंप की इतनी तेल मालिश की है कि अब वो अमेरिका की मदद करने से पीछे नहीं हट सकता। रिपोर्ट है कि ईरान की टॉप मिलिट्री लीडरशिप अपने विकल्पों का आकलन कर रही है। रिपोर्ट ये भी है कि डोनाल्ड ट्रंप, युद्ध की स्थिति में पाकिस्तान की सेना पर मदद देने का प्रेशर बना सकते हैं।
सीएनएन न्यूज 18 ने सीनियर सिक्योरिटी सूत्रों के हवाले से बताया है कि पाकिस्तान के फील्ड मार्शल और आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने देश के टॉप सिक्योरिटी अधिकारियों की एक आपातकालीन बैठक बुलाई है, ताकि मौजूदा संकट की समीक्षा की जा सके। रिपोर्ट के मुताबिक, इस उच्चस्तरीय बैठक में ISI चीफ और नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर जनरल आसिम मलिक, दक्षिणी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल राहत नसीम, मिलिट्री इंटेलिजेंस के डायरेक्टर जनरल, COAS के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ, ISI के डायरेक्टर जनरल (एनालिसिस) और दूसरे सीनियर जनरलों ने हिस्सा लिया है।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

