धनबाद(NIRSA): लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी पत्रकारों पर हमले को लेकर पूरे प्रदेश भर में बवाल मचा हुआ है। सूबे के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी के समर्थकों पर पत्रकारों के साथ मारपीट का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना के विरोध में शुक्रवार को धनबाद के निरसा-चिरकुंडा के पत्रकार सड़कों पर उतर आए और जोरदार प्रदर्शन किया।
निरसा-चिरकुंडा अंचल में आज पत्रकारों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। चिरकुंडा के शहीद चौक पर बड़ी संख्या में पत्रकार एकजुट हुए और झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन कर रहे पत्रकारों का आरोप है कि मंत्री के समर्थकों द्वारा सुनियोजित तरीके से पत्रकारों पर हमला कराया गया, जो न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है बल्कि लोकतंत्र की नींव को भी कमजोर करने की कोशिश है।
अगर पत्रकार ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो सच सामने कैसे आएगा ? हम इस हमले की कड़ी निंदा करते हैं और दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग करते हैं।
प्रदर्शनकारी पत्रकारों ने साफ तौर पर कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति या संगठन पर हमला नहीं, बल्कि पूरी पत्रकारिता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है।
उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की कि ऐसे मंत्री, जिनके समर्थकों पर इस तरह के गंभीर आरोप हैं, उन्हें तत्काल मंत्रिमंडल से हटाया जाए ताकि सरकार की छवि खराब न हो।
हम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंप रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि इस मामले में निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को सख्त सजा मिले।
इसके बाद सभी पत्रकार रैली के रूप में चिरकुंडा थाना पहुंचे, जहां उन्होंने राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में घटना की निष्पक्ष जांच, हमलावरों की तुरंत गिरफ्तारी और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई।
पत्रकारों ने झारखंड पुलिस से भी अपील की कि इस मामले में बिना किसी दबाव के त्वरित कार्रवाई की जाए और जिन लोगों ने हमला किया है, उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
फिलहाल इस पूरे मामले ने झारखंड की राजनीति को गरमा दिया है। अब देखने वाली बात होगी कि सरकार इस पर क्या कार्रवाई करती है और क्या पत्रकारों को न्याय मिल पाता है या नहीं यह एक बड़ा सवाल हैं।
NEWSANP के लिए संतोष की रिपोर्ट

