नेपाल(NEPAL): नेपाल में एक बार फिर राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों को लेकर माहौल गर्म होता नजर आ रहा है। प्रधानमंत्री पद संभालने के महज एक महीने के भीतर ही बालेन शाह को बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों का सामना करना पड़ रहा है।राजधानी काठमांडू से लेकर औद्योगिक शहर बीरगंज तक हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारियों का मुख्य गुस्सा सरकार की नई कस्टम ड्यूटी और व्यापार नीति को लेकर है।लोगों का आरोप है कि सरकार के हालिया फैसलों से आयात-निर्यात पर असर पड़ा है, जिससे व्यापारियों और आम नागरिकों दोनों की जेब पर सीधा बोझ बढ़ा है। खासकर सीमावर्ती इलाकों में व्यापार से जुड़े लोगों ने इसे “आर्थिक दबाव” करार दिया है।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से तुरंत नीति में बदलाव की मांग की है, वहीं विपक्ष भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर हो गया है।हालांकि, सरकार का कहना है कि ये फैसले देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और राजस्व बढ़ाने के लिए जरूरी हैं। लेकिन जिस तरह से विरोध तेज हो रहा है, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में नेपाल की राजनीति और भी गरमा सकती है।अब देखने वाली बात होगी कि प्रधानमंत्री बालेन शाह इस चुनौती से कैसे निपटते हैं और क्या सरकार जनता के गुस्से को शांत करने में सफल हो पाती है या नहीं।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

