DESK: फिल्मों में हम अक्सर ऐसे किरदार देखते हैं जो दुश्मन की सरहद पार कर देश के लिए खुफिया जानकारी जुटाते हैं। लेकिन ‘धुरंधर 2’ का हमजा सिर्फ एक काल्पनिक किरदार नहीं, बल्कि एक सच्ची कहानी से प्रेरित बताया जा रहा है।
कर्नल भूपिंदर शाही ने इस रहस्य से पर्दा उठाते हुए खुलासा किया कि फिल्म का हीरो असल में एक पूर्व सैनिक है, जिसे भारत की तरफ से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर यानी POK में भेजा गया था। उनका कहना है कि यह जासूस करीब 3 से 4 महीने तक वहां रहा और बेहद अहम जानकारी लेकर लौटा।
इस मिशन की सबसे दिलचस्प बात यह रही कि उसने वहां अपनी पहचान छिपाने के लिए गूंगे का नाटक किया, मदरसे में रहा और यहां तक कि उसने वहां निकाह भी किया। वह पूरी तरह एक आम इंसान की तरह जीता रहा ताकि किसी को उस पर शक न हो।
लेकिन मिशन आसान नहीं था। एक बार उसकी असलियत सामने आने ही वाली थी, मगर उसी लड़की ने—जिससे उसने शादी की थी—उसे बचा लिया। बताया जाता है कि उस लड़की को उसने काफी पैसे भी दिए थे।
मिशन के दौरान वह तय समय पर LOC पार कर वापस नहीं आ पाया और करीब 15 दिन देर हो गई। लेकिन अपनी सूझबूझ और हिम्मत से वह आखिरकार भारत लौटने में कामयाब रहा।
भारत पहुंचते ही सेना ने उसे तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाकर उसका सैनिटाइजेशन किया। जो भी अहम जानकारी या सामान वह अपने शरीर में छिपाकर लाया था, उसे डॉक्टर्स की मदद से बाहर निकाला गया। इसके बाद उसकी डिब्रीफिंग हुई और उसके साहस के लिए उसे सम्मानित भी किया गया।
यह कहानी सिर्फ एक जासूस की नहीं, बल्कि उस हिम्मत, बलिदान और बुद्धिमत्ता की है, जो देश की सुरक्षा के लिए पर्दे के पीछे काम करती है—बिना किसी पहचान और बिना किसी शोर के।

