DESK: सुप्रीम कोर्ट के सामने चार ऐसे बड़े धार्मिक और सामाजिक मामले लंबित हैं, जिनके समाधान के लिए भारत के चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत 9 जजों की संविधान पीठ बनाने पर विचार कर रहे हैं। दरअसल, ये मामले तीन धार्मिक संप्रदायों से जुड़े हैं और तीनों में ही महिलाओं के अधिकारों को लेकर संवैधानिक सवाल उठाए गए हैं। यूं कह लें कि ये मामले एक तरह से धार्मिक स्वतंत्रता और महिलाओं के अधिकारों के टकराव के हैं। सर्वोच्च अदालत को यह फैसला देना है कि आखिर किसे प्राथमिकता दी जाए। ये मामले हिंदू, मुस्लिम और पारसी समुदायाओं के हैं। इन सभी में एक तरफ धर्म, धार्मिक परंपरा और आस्था का सवाल है, तो दूसरी तरफ महिलाओं का हक इंसाफ की पुकार कर रहा है।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

