धनबाद रेल मंडल का एक बार फिर बजने जा रहा डंका,किस रेल मंडल से चल रही प्रतियोगिता…

धनबाद रेल मंडल का एक बार फिर बजने जा रहा डंका,किस रेल मंडल से चल रही प्रतियोगिता…

धनबाद(DHANBAD): भारतीय रेल में एक बार फिर धनबाद रेल मंडल का डंका बजने वाला है. यह धनबाद सहित झारखंड के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी। चालू वित्तीय वर्ष में भी धनबाद रेल मंडल राजस्व के मामले में आगे -आगे चल रहा है. बिलासपुर रेल डिवीजन से धनबाद रेल मंडल की प्रतियोगिता है. सूत्र बता रहे हैं कि वित्तीय वर्ष समाप्ति के एक सप्ताह पहले ही धनबाद रेल मंडल ने निर्णायक बढ़त पर है. धनबाद डिवीजन 21 मार्च 2026 को बिलासपुर रेल मंडल को पीछे छोड़ते हुए 18.84 करोड रुपए अधिक राजस्व अर्जित कर लिया है.

धनबाद बिलासपुर में आगे निकलने की चल रही जंग

लोडिंग में दोनों रेल मंडलों में मुकाबला चल रहा है. 22 मार्च तक धनबाद डिवीजन बिलासपुर से आगे चल रहा है. यह अलग बात है कि 23 मार्च से लेकर 31 मार्च तक धनबाद और बिलासपुर रेल मंडल जोर लगाएंगे, नंबर वन की ताज के लिए जबरदस्त प्रतियोगिता होगी। राजस्व आय में धनबाद पिछले 4 साल से देश में नंबर वन बना हुआ है. धनबाद रेल मंडल पूर्व मध्य रेलवे के अधिकार क्षेत्र में आने वाले पांच रेल मंडलों में एक है. धनबाद रेल मंडल का गठन 5 नवंबर 1951 को किया गया था. इसका मुख्यालय धनबाद में है.

धनबाद रेल मंडल के अधीन आने वाले रेलवे स्टेशन

धनबाद रेल मंडल के अंतर्गत धनबाद जंक्शन, नेताजी सुभाष चंद्र बोस जंक्शन, कोडरमा जंक्शन, डाल्टनगंज, पारसनाथ, सिंगरौली ,बरकाकाना जंक्शन, गढ़वा रोड, रेणुकूट, चंद्रपुरा , चोपन, कतरासगढ़, हजारीबाग रोड, पहाड़पुर, टोरी जंक्शन, नगरउटारी , बरवाडीह जंक्शन, बोकारो थर्मल, गोमिया, लातेहार, खलारी, फुसरो , पतरातू , रांची रोड, शक्ति नगर टर्मिनल, तेतुलमारी , परसाबाद, न्यू गिरिडीह स्टेशन आते हैं. वैसे भी धनबाद रेल डिवीजन को ढुलाई डिविजन कहा जाता है. सीधी ट्रेन नहीं मिलने पर यह आरोप भी लगते रहे हैं कि रेल मंत्रालय धनबाद पर ध्यान नहीं देता है. खैर, जो भी हो, धनबाद रेल मंडल के सिर पर फिर एक बार नंबर वन का ताज सजने की उम्मीद बढ़ गई है.

NEWSANP के लिए धनबाद से ब्यूरो रिपोर्ट

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