DESK: आजकल कुछ लोगों के बीच यह भ्रम बना हुआ है कि एयरपोर्ट बोकारो में बने या धनबाद में। लेकिन अगर हम इस विषय को गंभीरता से समझें, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि एयरपोर्ट के लिए धनबाद अधिक उपयुक्त स्थान है।
सबसे पहले, धनबाद में देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक आईआईटी (आईएसएम) स्थित है, जहाँ हजारों छात्र देश के अलग-अलग राज्यों से पढ़ने आते हैं। इन छात्रों के कैंपस प्लेसमेंट के दौरान देश-विदेश की बड़ी-बड़ी कंपनियाँ यहाँ आती हैं। ऐसे में बेहतर हवाई संपर्क की सुविधा होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि कंपनियों के प्रतिनिधि और अन्य अतिथि आसानी से यहाँ पहुँच सकें।
इसके अलावा, धनबाद में बीसीसीएल (भारत कोकिंग कोल लिमिटेड) का मुख्यालय है, जो कोयला उद्योग का एक प्रमुख केंद्र है। कोयला देश की ऊर्जा का मुख्य स्रोत है और धनबाद इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यहाँ कई बड़े केंद्रीय सरकारी कार्यालय भी स्थित हैं, जैसे डीजीएमएस, सीएमपीएफ, सीएमआरआई और आयकर विभाग, जहाँ हजारों लोग कार्यरत हैं। इन सभी संस्थानों के कारण धनबाद का प्रशासनिक और औद्योगिक महत्व और भी बढ़ जाता है।
अगर इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए गहराई से विचार किया जाए, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि धनबाद में एयरपोर्ट बनना न केवल स्थानीय लोगों के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। इससे व्यापार, शिक्षा, उद्योग और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे और क्षेत्र का समग्र विकास तेज़ी से होगा।
इसलिए सरकार को इन सभी तथ्यों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और धनबाद में एयरपोर्ट निर्माण को प्राथमिकता देनी चाहिए, ताकि यह क्षेत्र और भी अधिक प्रगति कर सके।
NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

