भारत ने पाकिस्तान में घुसकर चुन-चुन कर आतंकियों के 9 ठिकानों को नेस्ताबूद कर दिया तो पूरी दुनिया में एक नया संदेश दिया, अब देश के हर कोने में गूंज उठा चेतावनी का सायरन यानी मॉक ड्रिल का अभ्यास शुरू हुआ। ये न केवल तैयारी, बल्कि हौसले की परीक्षा है। दिल्ली के आसमां में चेतावनी की घंटी बजी। IGI एयरपोर्ट टर्मिनल 3, सुबह का वक्त, यात्रियों की भीड़ में घुला एक अलग सा तनाव। अचानक सुरक्षा एजेंसियों की फुर्ती, सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन की बानगी। घोषणाओं में गूंजती आवाजें, “घबराइये नहीं, सतर्क रहिये।” स्टाफ से लेकर सिविल डिफेंस तक, हर चेहरा जिम्मेदारी से भरा रहा। DM की अगुवाई में सिखाया गया, “कहां शरण लें? अफवाहों से कैसे बचें? और सबसे बढ़कर एकजुट कैसे रहें!” बस्तियों में बसा डर नहीं, बल्कि जागरूकता की लौ जली। दिल्ली के बीचों बीच सरकारी कार्यालय में चला मॉक ड्रिल का मानचित्र। सभी विभागों की तालमेल वाली तैयारी ने जताया भरोसा, हम सिर्फ सोचते नहीं, तैयार भी रहते हैं। मुंबई, पुणे, नासिक से लेकर सिंधुदुर्ग तक, छात्र, होमगार्ड, NCC-NSS, और आम जनता, सब बने रक्षा कवच। इन्हें सिखाया गया,”जब हवाई हमला हो, तब घर को किला कैसे बनायें?” देश के 259 संवेदनशील जिलों में नागरिकों की परीक्षा हुई। राफेल, सुखोई, मिराज का सीमाओं पर वायुसेना का युद्धाभ्यास शुरू है।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

