DESK: अमेरिका ने चीन को भारत और पाकिस्तान के 1971 के युद्ध में कूदने के लिए उकसाया था। अमेरिका ने चीन से कहा था कि भारत के खिलाफ लड़ाई में वह उसकी हर संभव मदद करेगा। उस वक्त के अमेरिकी प्रेसिडेंट रिचर्ड निक्सन ने खुद चीन को भरोसा दिलाया था कि अगर उनकी ओर से पाकिस्तान के साथ लड़ाई में उलझे भारत पर हमला होता है तो वाशिंगटन पूरा साथ देगा। यह खुलासा रिचर्ड निक्सन की शपथ के साथ दी गई गवाही वाली फाइल से हुआ है। ये फाइलें वॉटरगेट ग्रैंड जूरी रिकॉर्ड के हिस्से के तौर पर बीते पांच दशकों से सील थीं। अब इनके खुलने से पता चलता है कि भारत को रोकने और पाकिस्तान को बचाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति के स्तर पर चीन से मदद मांगी गई थी।
अमेरिकी फाइलों से पता चलता है कि निक्सन ने अपनी गवाही में बीजिंग को भरोसे देने का लॉजिक समझाया था। उन्होंने कहा था, ‘रूस खुलकर भारत को सपोर्ट कर रहा था। दूसरी ओर पाकिस्तान को मदद नहीं मिल रही था क्योंकि हथियारों की शिपमेंट पर रोक थी। हमने पाकिस्तान को मोरल सपोर्ट दिया और चीनियों से सीक्रेटली संपर्क साधा। हमने बीजिंग की सत्ता को भरोसा दिया कि चीन के भारतीयों से लड़ने के फैसला का हम सपोर्ट करेंगे।’
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

