DESK: डिजिटल अरेस्ट (digital arrests) के तमाम केस आपने देखे होंगे. ऐसे केस के वीडियो में आपने नकली सीबीआई और बैकग्राउंड में महात्मा गांधी और आंबेडकर की तस्वीरें भी देखी होंगी. बोले तो एकदम रियल लगने वाला सेटअप बनाया जाता था. यह सेटअप कहां बनाया जाता था, कैसे बनाया जाता था. उस अड्डे का पता चल गया है. ठगी के ऐसे एक नहीं कई अड्डे थे. जहां एकदम कॉर्पोरेट स्टाइल में ऑफिस बनाकर लोगों को लूटा जा रहा था. साइबर ठगी का यह पूरा सेटअप मिला है कंबोडिया (Cambodia) में. भारत से लगभग 5000 किलोमीटर दूर दक्षिण-पूर्वी में स्थित इस देश में ठगी के 200 से ज्यादा सेंटर मिले हैं. 173 से ज्यादा अपराधियों को भी पकड़ा गया है.
नकली क्राइम ब्रांच का असली सेटअप
डिजिटल अरेस्ट मतलब साइबर ठगी का वो तरीका जिसने कितनों को लूट लिया. ठगी का वो तरीका जिसमें पीड़ितों से हजारों नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये ले लिए गए. ठगी का वो तरीका जिसमें इंसान को अरेस्ट का डर दिखाकर लूटा जाता है. इस तरीके का डर इतना कि खुद प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात में इसको लेकर आगाह किया था.
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

