आसनसोल(WEST BENGAL): पाण्डेश्वर विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच जारी राजनीतिक तनातनी के बीच एक वायरल वीडियो को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा नेता सह पूर्व विधायक जीतेन्द्र तिवारी द्वारा साझा किया गया एक वीडियो अब फर्जी साबित होने का दावा किया जा रहा है।
कुछ दिनों पहले भाजपा और तृणमूल नेताओं के बीच सोशल मीडिया पर तथाकथित “एआई वार” चल रहा था, जिसमें एक-दूसरे के खिलाफ वीडियो पोस्ट किए जा रहे थे। इसी क्रम में भाजपा नेता जीतेन्द्र तिवारी ने तृणमूल विधायक नरेंद्र नाथ चक्रवर्ती पर विकास कार्यों में लापरवाही का आरोप लगाते हुए एक वीडियो जारी किया था।
वायरल वीडियो में एक महिला को टूटे-फूटे गौशाला के पास खड़ा दिखाया गया था। वीडियो में महिला, जिसका नाम सुंदरा सूत्रधर बताया गया, यह आरोप लगाती नजर आ रही थी कि वह उसी जर्जर गौशाला में रहती है और कई बार आवास योजना के तहत पक्का घर बनाने के लिए आवेदन करने के बावजूद उसे लाभ नहीं मिला। वीडियो में जीतेन्द्र तिवारी यह सवाल उठाते दिखे कि सरकार द्वारा आवास योजना के तहत भेजी जा रही राशि आखिर कहां जा रही है।
हालांकि, इस वीडियो के सामने आने के बाद तृणमूल विधायक नरेंद्र नाथ चक्रवर्ती ने प्रेस वार्ता कर महिला की वास्तविक स्थिति को सार्वजनिक किया। विधायक ने मीडिया को महिला का पक्का मकान दिखाया, जहां वह अपने परिवार के साथ रहती है।
वहीं, संबंधित महिला ने मीडिया के सामने बयान देते हुए आरोप लगाया कि भाजपा नेता जीतेन्द्र तिवारी ने उसे 1000 रुपये देकर यह बयान देने के लिए कहा था कि उसे आवास योजना का लाभ नहीं मिला और वह गौशाला में रहने को मजबूर है। महिला ने स्वीकार किया कि उसने पैसों के लालच में आकर गलत बयान दिया। उसने यह भी कहा कि वह सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठा रही है और बाद में उसे अपनी गलती का एहसास हुआ, जिसके बाद उसने स्वयं सामने आकर सच्चाई बताई।
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद भाजपा नेता जीतेन्द्र तिवारी की ओर से अब तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी गई है और वे इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से बचते नजर आ रहे हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनावी माहौल में इस तरह के वीडियो और आरोप-प्रत्यारोप से क्षेत्र की राजनीति और गरमा सकती है। फिलहाल, यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
NEWSANP के लिए अतिक रहमान की रिपोर्ट

