झारखंड(JHARKHAND): झारखंड के शिक्षा मंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के वरिष्ठ नेता रामदास सोरेन नहीं रहे. दिल्ली के अपोलो अस्पताल में उन्होंने 15 अगस्त को अंतिम सांस ली. झामुमो के पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने सोशल मीडिया साइट ‘एक्स’ पर यह जानकारी दी. रामदास सोरेन के निधन की खबर सुनते ही उनके विधानसभा क्षेत्र घाटशिला के साथ-साथ पूरे झारखंड में शोक की लहर दौड़ गयी है. एक ही महीने में झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के 2-2 बड़े नेताओं के निधन ने पार्टी को झकझोर दिया है.
बड़े पुत्र सोमेश ने दी सूचना
सबसे पहले रामदास सोरेन (62) के बड़े पुत्र सोमेश सोरेन ने रात को करीब 10:46 बजे सोशल मीडिया साइट ‘एक्स’ के रामदास सोरेन के हैंडल से अपने पिता के निधन की सूचना दी. सोमेश सोरेन ने लिखा, ‘अत्यंत ही दुख के साथ यह बता रहा हूं कि मेरे पिताजी रामदास सोरेन जी अब हमारे बीच नहीं रहे.’
इसके बाद झामुमो के नेता और बहरागोड़ा के पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने इसी ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा, ‘आप सभी को अत्यंत दुःख के साथ यह सूचना साझा कर रहा हूं कि राज्य के स्कूली शिक्षा व निबंधन मंत्री तथा घाटशिला विधानसभा के विधायक माननीय रामदास सोरेन जी अब हम सबके बीच नहीं रहे.’
कुणाल षाड़ंगी बोले- ईश्वर की मर्जी के आगे हम सब मजबूर हैं
उन्होंने लिखा, ‘उनके लाखों चाहने वालों, शुभचिंतकों, कर्मठ कार्यकर्ताओं, स्कूली शिक्षा व निबंधन विभाग के सहयोगियों और हम सबके लिए एक व्यक्तिगत और अपूरणीय क्षति है. पूरा झामुमो परिवार इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के सभी चिकित्सकों और उनकी टीमों के सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों का हृदय से आभार व्यक्त करता है कि उन्होंने पिछले 2 अगस्त से लेकर आज तक दिन रात उन्हें ठीक करने के लिए बहुत मेहनत की, लेकिन ईश्वर की मर्जी के आगे हम सब मजबूर हैं.’
2 अगस्त को अपोलो अस्पताल में कराया गया था भर्ती
रामदास सोरेन 2 अगस्त को जमशेदपुर के अपने आवास में बाथरूम में गिर गये थे. उनके सिर और हाथ में गंभीर चोटें आयीं थीं. टाटा मोटर्स के अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें एयरलिफ्ट कर दिल्ली के इद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था. तब से उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी.
15 अगस्त की रात करीब पौने 11 बजे हुआ निधन
रामदास सोरेन के परिजनों और उनके समर्थकों को उम्मीद थी कि रामदास सोरेन ठीक होकर झारखंड लौटेंगे और जनता की सेवा में जुटेंगे. लेकिन, ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था. 15 अगस्त 2025 की रात करीब पौने 11 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया, इसके बाद उनके बेटे ने ‘एक्स’ पर उनके निधन की पुष्टि की.
4 अगस्त को शिबू सोरेन का दिल्ली में हुआ था निधन
एक महीने में झारखंड मुक्ति मोर्चा के दूसरे बड़े नेता का निधन हुआ है. दिशोम गुरु शिबू सोरेन लंबी बीमारी के बाद 4 अगस्त 2025 को इस दुनिया को अलविदा कह गये. 15 अगस्त को उनका दशकर्म था. गुरुजी का दशकर्म समाप्त होने के बाद देर रात रामदास सोरेन का भी निधन हो गया. गुरुजी का निधन सर गंगा राम अस्पताल में हुआ था. 5 अगस्त 2025 को रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड में उनके पैतृक गांव नेमरा में उनका अंतिम संस्कार किया गया था.
NEWSANP के लिए झारखंड से ब्यूरो रिपोर्ट

