DESK: नीतीश कुमार जी आपका हालिया निर्णय हम सबके लिए अत्यंत आश्चर्यजनक और चिंताजनक है। मुख्यमंत्री पद जैसे महत्वपूर्ण दायित्व को छोड़कर राज्यसभा जाने का कदम कहीं न कहीं हमें आत्मघाती राजनीतिक फैसला प्रतीत हो रहा है। हम समझ नहीं पा रहे हैं कि ऐसी क्या परिस्थिति उत्पन्न हुई कि आपको यह निर्णय लेना पड़ा।
क्या आप पर किसी प्रकार का राजनीतिक दबाव है? क्या आपको किसी प्रकार से मजबूर किया जा रहा है? यदि ऐसा है तो यह न केवल आपके लिए, बल्कि लोकतंत्र की भावना के लिए भी गंभीर विषय है।
आप जैसे अनुभवी और दूरदर्शी नेता से हम सबको हमेशा स्थिरता और साहस की अपेक्षा रही है। यदि नेतृत्व परिवर्तन ही करना था, तो आपके पास विकल्प मौजूद थे — आप अपने उत्तराधिकारी को आगे बढ़ाते, उन्हें उपमुख्यमंत्री या मुख्यमंत्री बनाते और स्वयं मार्गदर्शक की भूमिका निभाते। फिर राज्यसभा जाने की इतनी जल्दबाज़ी क्यों?
आपका यह फैसला केवल बिहार ही नहीं, बल्कि झारखंड समेत पूरे देश के राजनीतिक परिदृश्य को चौंकाने वाला है। हम सभी स्तब्ध हैं। आपसे विनम्र आग्रह है कि अपने इस निर्णय पर पुनर्विचार करें।
किसी भी प्रकार के दबाव, प्रेशर या ब्लैकमेलिंग के सामने झुकना आपके व्यक्तित्व के अनुरूप नहीं है। लोकतंत्र में संवाद और सहयोग का मार्ग सदैव खुला रहता है। यदि किसी प्रकार की राजनीतिक प्रताड़ना हो रही है, तो खुलकर सामने आएँ।
देश की जनता और लोकतांत्रिक ताकतें आपके साथ खड़ी हैं। साहस के साथ निर्णय लीजिए — इतिहास उसी का सम्मान करता है जो दबाव में नहीं, बल्कि अपने विवेक से निर्णय लेता है।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

