जमशेदपुर(JAMSHEDPUR): जमशेदपुर में फाइनेंस कंपनियों और रिकवरी एजेंटों की मनमानी को लेकर पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। शहर के ASP Rishabh Chaturvedi ने साफ शब्दों में कहा है कि किसी भी व्यक्ति की गाड़ी को बिना न्यायालय के आदेश के जबरन जब्त करना कानूनन अपराध है और इसे डकैती जैसी गंभीर श्रेणी में माना जा सकता है।
ASP ने कहा कि कई शिकायतें सामने आ रही हैं, जिनमें रिकवरी एजेंट सड़क पर लोगों को रोककर वाहन छीनने, धमकाने और दबाव बनाने का काम कर रहे हैं। इस तरह की कार्रवाई पूरी तरह अवैध है और कानून अपने हाथ में लेने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी वाहन मालिक ने किस्त नहीं चुकाई है, तब भी फाइनेंस कंपनी सीधे बलपूर्वक वाहन नहीं उठा सकती। इसके लिए वैधानिक प्रक्रिया और कोर्ट का आदेश जरूरी है।
पुलिस प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कोई रिकवरी एजेंट धमकी देकर या जबरन वाहन छीनने की कोशिश करे, तो तुरंत नजदीकी थाना या पुलिस कंट्रोल रूम में शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी निजी एजेंसी को कानून से ऊपर काम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
ASP ऋषभ चतुर्वेदी ने यह भी कहा कि कई मामलों में देखा गया है कि रिकवरी एजेंट समूह बनाकर पहुंचते हैं और वाहन मालिकों के साथ अभद्रता करते हैं। इससे आम नागरिकों में भय का माहौल बन रहा है। ऐसे मामलों में संबंधित एजेंसियों और कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जा सकता है।
पुलिस प्रशासन के इस बयान के बाद शहर में चल रही अवैध रिकवरी गतिविधियों पर लगाम लगने की उम्मीद जताई जा रही है। खासकर उन लोगों को राहत मिल सकती है जो फाइनेंस कंपनियों के दबाव और एजेंटों की धमकी से परेशान थे।
NEWSANP के लिए जमशेदपुर से ब्यूरो रिपोर्ट

