क्रिप्टो मार्केट में बिटकॉइन ने बड़ी गिरावट देखी है। मंगलवार को न्यूयॉर्क में बिटकॉइन 7.4% गिरकर 96,794 डॉलर पर आ गया। यह जून के बाद पहली बार है जब यह 1 लाख डॉलर के नीचे फिसला है। यह अपने एक महीने पहले के रिकॉर्ड स्तर से 20% से अधिक की गिरावट है, जो शेयर बाजार में मंदी के संकेतों के अनुरूप है। दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी एथर में भी 15% तक की गिरावट दर्ज की गई। कुछ अन्य ऑल्टकॉइन्स को भी नुकसान हुआ है। कई इस साल अब तक अपनी कीमत का 50% से अधिक गंवा चुके हैं।
क्यों आई गिरावट?
दरअसल, अक्टूबर में भारी मात्रा में लॉन्ग पोजीशन लिक्विडेशन के कारण क्रिप्टो बाजार में यह गिरावट शुरू हुई। उस समय अरबों डॉलर की बुलिश पोजीशन खत्म हो गई थी। इसके बाद से निवेशक सतर्क हो गए और बाजार से दूरी बना ली है। बिटकॉइन फ्यूचर्स में ओपन इंटरेस्ट अभी भी प्री-क्रैश स्तरों से काफी नीचे है और भले ही फंडिंग कॉस्ट फिर से अनुकूल हो गई हो, निवेशक दोबारा जोखिम लेने को तैयार नहीं हैं। बिटकॉइन की इस साल की अब तक की बढ़त 10% से भी कम है।
बाजार अब भी रिकवर नहीं हो सका है
एरगोनीया के रिसर्च हेड क्रिस न्यूहाउस के मुताबिक बिटकॉइन की गिरावट इस बात को दर्शाती है कि बाजार अब भी अक्टूबर की भारी बिकवाली की मनोवैज्ञानिक चोट से उबर नहीं पाया है, जिसने निवेशकों की रणनीति और जोखिम लेने की प्रवृत्ति को बदल दिया है।
क्रिप्टो डेटा प्लेटफॉर्म Coinglass के अनुसार, उस दिन कुल लिक्विडेशन (लॉन्ग और शॉर्ट दोनों) लगभग 1 बिलियन डॉलर का रहा — जो 10 अक्टूबर के 19 बिलियन डॉलर के रिकॉर्ड स्तर से काफी कम है। इसका मतलब है कि यह ‘लो-कन्विक्शन सेलऑफ’ यानी बिना मजबूत विश्वास वाली बिकवाली है, जहां निवेशक केवल जोखिम कम करने के लिए पोजीशन घटा रहे हैं। दूसरी ओर, ऑप्शंस ट्रेडर्स ने कीमतों में और गिरावट की आशंका में हेज बनाना शुरू कर दिया है। आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर के अंत में एक्सपायर होने वाले 80,000 डॉलर स्ट्राइक प्राइस वाले पुट कॉन्ट्रैक्ट्स में सबसे ज्यादा मांग देखी जा रही है — यह दर्शाता है कि बाजार बिटकॉइन के और नीचे जाने के लिए तैयार है।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

