DESK: कोडिन कफ सिरप तस्करी मामले में एसटीएफ को बड़ी सफलता हाथ लगी है। लंबे समय से फरार चल रहे मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के बेहद करीबी और इस रैकेट की अहम कड़ी विकास सिंह नर्वे को गिरफ्तार कर लिया गया है। एसटीएफ ने भारत–नेपाल बॉर्डर के पास से विकास को दबोचने में कामयाबी हासिल की है।
गिरफ्तार आरोपी विकास सिंह नर्वे वही शख्स है, जिसने शुभम जायसवाल को कुख्यात तस्करों अमित सिंह ‘टाटा’ और आलोक सिंह उर्फ ‘सिपाही’ से मिलवाया था और कोडिन कफ सिरप तस्करी के नेटवर्क को अंतरराज्यीय स्तर तक फैलाया।
एसटीएफ और वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट की संयुक्त कार्रवाई में विकास को सिद्धार्थनगर से गिरफ्तार किया गया। वह आजमगढ़ के बरदह थाना क्षेत्र के नर्वे गांव का रहने वाला है और उसकी उम्र करीब 30 वर्ष बताई जा रही है।
विकास सिंह नर्वे के खिलाफ आजमगढ़, जौनपुर, वाराणसी सहित कई जिलों में गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वह लंबे समय से एसटीएफ की रडार पर था। साथी आरोपियों के बयान और खुफिया इनपुट के आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

