एयर इंडिया के बोइंग 787-8 विमान के इंजन के फ्यूल कंट्रोल स्विच टेकऑफ के तीन सेकंड बाद ‘रन’ से ‘कटऑफ’ की स्थिति में चले गए, जिसके कारण विमान उड़ान भरने के 34 सेकंड बाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया। शनिवार को विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) की शुरुआती जांच रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई।
एयर इंडिया फ्लाइट 171 के इंजनों को ईंधन आपूर्ति करने वाले दोनों ईंधन नियंत्रण स्विच एक के बाद एक ‘रन’ से ‘कटऑफ’ पोजिशन में चले गए, जिससे दोनों इंजन बंद हो गए। जांच रिपोर्ट के अनुसार, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में एक पायलट को दूसरे से पूछते हुए सुना गया कि उसने ईंधन बंद क्यों किया, जिसके जवाब में दूसरा पायलट कहता है कि उसने ऐसा नहीं किया।
रिपोर्ट के अनुसार, इंजन 1 और 2 के ईंधन स्विच कुछ ही सेकंड में ‘रन’ स्थिति में आ गए। दोनों इंजनों के ईजीटी बढ़ गए, जो बताता है कि पुनः रिलाइट प्रक्रिया शुरू हो गई। कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग से पता चलता है कि पायलटों में भ्रम की स्थिति थी। एक पायलट ने पूछा, “आपने कट क्यों किया?” दूसरे ने जवाब दिया, “मैंने ऐसा नहीं किया,” जिससे संभवतः गलतफहमी का संकेत मिलता है।”
इस उड़ान में सह-पायलट क्लाइव कुंदर विमान उड़ा रहे थे, जबकि मुख्य पायलट सुमीत सभरवाल उड़ान की निगरानी कर रहे थे।
सभरवाल के पास बोइंग 787 पर करीब 8,600 घंटे का अनुभव था, जबकि कुंदर के पास 1,100 घंटे से अधिक का अनुभव था। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों पायलटों को उड़ान से पहले पर्याप्त आराम मिला था।
NEWS ANP के लिए ब्यूरो की रिपोर्ट

