पश्चिम एशिया में जारी तनावपूर्ण हालात के बीच ईरान ने एक अहम फैसला लिया है। ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण Strait of Hormuz को भारत समेत अपने मित्र देशों के जहाजों के लिये खोलने की घोषणा की है। यह घोषणा ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने गुरुवार को की। यह निर्णय António Guterres की अपील के कुछ ही घंटों बाद सामने आया। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने चेतावनी दी थी कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहता है, तो वैश्विक स्तर पर तेल, गैस और उर्वरकों की आपूर्ति गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है। उन्होंने खास तौर पर कहा था कि बुवाई के मौसम के दौरान ऊर्जा और उर्वरक की आपूर्ति रुकने से कई देशों की कृषि और अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ सकता है। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने United States और Israel से युद्ध समाप्त करने की अपील की, वहीं ईरान से पड़ोसी देशों पर हमले रोकने को कहा। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान का यह कदम वैश्विक दबाव को कम करने और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी छवि को सहयोगी और जिम्मेदार देश के रूप में पेश करने की कोशिश भी हो सकता है। गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में वैश्विक तेल आपूर्ति गुजरती है। ऐसे में इसके खुलने से अंतरराष्ट्रीय बाजार और ऊर्जा सुरक्षा को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

