लाहौर: पाकिस्तान की कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) ने शनिवार को दावा किया कि पुलिस ने उसके 11 समर्थकों की गोली मारकर तब हत्या कर दी जब वे गाजा में इजराइल की सैन्य कार्रवाई के खिलाफ अमेरिकी दूतावास के बाहर प्रदर्शन करने के लिए इस्लामाबाद की ओर कूच करने का प्रयास कर रहे थे।
हालांकि, पंजाब के अधिकारियों ने कहा कि टीएलपी के साथ दो दिन पहले शुरू हुई झड़प में कम से कम 40 पुलिसकर्मी घायल हो गए। ये झड़पें समूह द्वारा किए गए इजराइल विरोधी प्रदर्शनों के आह्वान के बीच हुईं।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शनिवार को उस समय हिंसक झड़पें शुरू हो गईं जब लाहौर के आजादी चौक पर रात भर डेरा डाले रहे दस-पंद्रह हजार टीएलपी कार्यकर्ताओं ने सुबह इस्लामाबाद की ओर अपना मार्च फिर से शुरू कर दिया।
अधिकारी ने कहा, ‘‘बड़ी झड़पें लाहौर से दूर शाहदरा और मुरीदके इलाकों के बीच हुईं, जिनमें दर्जनों पुलिसकर्मी और टीएलपी कार्यकर्ता घायल हो गए।’’
उन्होंने बताया कि खारियां शहर में जीटी रोड पर वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए एक खाई खोद दी गई है।
प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए सराय आलमगीर में झेलम पुल के पास और चेनाब नदी के वजीराबाद की ओर भी खाइयां खोद दी गई हैं।
गिरफ्तारी से बचने में सफल रहे टीएलपी प्रमुख साद रिजवी द्वारा इस्लामाबाद की ओर ‘‘टीएलपी मिलियन मार्च’’ का नेतृत्व किया जा रहा है।
मुरीदके के पास समर्थकों को संबोधित करते हुए रिजवी ने कहा, ‘‘पुलिस ने टीएलपी के 11 समर्थकों की गोली मारकर हत्या कर दी और 20 अन्य को भी गोली लगी है। पूरा पाकिस्तान पूछ रहा है कि आप हम पर गोलियां क्यों चला रहे हैं।’’
पंजाब पुलिस ने टीएलपी के दावों पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
पुलिस के एक प्रवक्ता ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘हम टीएलपी के विरोध प्रदर्शन और पुलिस के साथ हुई झड़पों से जुड़ी किसी भी बात की पुष्टि नहीं कर सकते।’’
इससे पहले, पुलिस ने कहा था कि उन्होंने लाहौर और पंजाब के अन्य हिस्सों में 200 से ज्यादा टीएलपी समर्थकों को गिरफ्तार किया है। लाहौर के उन इलाकों में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं बंद रहीं जहां प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए थे।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

