झारखंड(JHARKHAND):“हेलो… मैं चौपारण ब्लॉक के आंगनबाड़ी केंद्र से प्रवीण गुप्ता बोल रहा हूं, आपका 12,600 रुपया आया है, फोनपे से ट्रांसफर कर दूं?” ऐसा मीठा जाल बुनते हैं ठग और भोले-भाले ग्रामीण उस पर विश्वास कर बैठते हैं। हजारीबाग के चौपारण प्रखंड में इन दिनों ठगी के नये तरीके ने लोगों की नींद उड़ा रखी है। कुछ शातिर ठग खुद को आंगनबाड़ी स्टाफ या ब्लॉक कर्मी बताकर ग्रामीणों को फोन करते हैं। वे बताते हैं कि “मातृत्व वंदना योजना” के तहत उनकी राशि स्वीकृत हो चुकी है और अब उसे फोनपे या ऑनलाइन माध्यम से भेजना है। लोगों को विश्वास दिलाने के लिये ठग बड़ी सफाई से सरकारी भाषा बोलते हैं, फॉर्म अप्रूवल, बैंक लिंकिंग, ओटीपी वेरिफिकेशन जैसी बातें, फिर भेजते हैं एक पेमेंट लिंक, जिस पर क्लिक करते ही बैंक खाता खाली। चयकला पंचायत के कई लोगों को ऐसे कॉल आ चुके हैं। कॉल करने वाला खुद को “प्रवीण गुप्ता, ब्लॉक स्टाफ, चौपारण” बताता है।
ग्रामीणों ने बताया कि उसकी बातों में सरकारी अंदाज और आत्मविश्वास झलकता है, जिससे लोग धोखे में आ जाते हैं। हालांकि, प्रशासन ने ऐसे कॉल से सावधान रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि “सरकारी योजनाओं की राशि सीधे लाभार्थी के खाते में आती है, किसी भी स्थिति में फोनपे या लिंक के जरिये ट्रांसफर नहीं की जाती। कोई भी OTP या लिंक साझा न करें।” चौपारण में अब लोग कह रहे हैं, “हर ‘सरकारी आवाज’ भरोसे की नहीं होती, कभी-कभी वही आवाज आपकी मेहनत की कमाई लूट लेती है।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

