न्यू दिल्ली(NEW DELHI): आज यानी 1 फरवरी से तंबाकू और उससे जुड़े उत्पादों पर नई GST व्यवस्था लागू हो रही है। इसके साथ ही इन हानिकारक उत्पादों की कीमतों में सीधा इजाफा तय है। सरकार ने स्वास्थ्य कारणों से तंबाकू उत्पादों पर कर की नई प्रणाली को अमल में लाने का फैसला किया है। न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क और पान मसाला पर स्वास्थ्य उपकर 1 फरवरी से लागू होगा। यह कर GST की अधिकतम 40 प्रतिशत दर के ऊपर लगाया जायेगा। अब तक इन उत्पादों पर लागू 28% GST क्षतिपूर्ति उपकर (Compensation Cess) की जगह अब अतिरिक्त उत्पाद शुल्क, स्वास्थ्य एवं राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर (Health and National Security Cess) लागू किया जायेगा।
1 फरवरी से तंबाकू उत्पादों के लिए MRP आधारित मूल्यांकन व्यवस्था लागू होगी। अब GST की गणना पैकेट पर छपी खुदरा बिक्री कीमत (MRP) के आधार पर की जायेगी, जिससे टैक्स चोरी पर भी लगाम लगेगी। वहीं, सिगरेट की लंबाई से अब टैक्स तय होगा। संशोधित केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम के तहत अब सिगरेट की लंबाई के आधार पर ₹2.05 से ₹8.50 प्रति स्टिक तक उत्पाद शुल्क लगाया जायेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि 40% GST + उपकर जोड़ने के बाद भी पान मसाला पर कुल कर भार 88% पर ही रखा गया है, यानी टैक्स संरचना बदली है, बोझ नहीं।
1 फरवरी से ये सामान होंगे महंगे
सिगरेट, चबाने वाला तंबाकू, फिल्टर खैनी, जर्दा युक्त सुगंधित तंबाकू, गुटखा, पान मसाला।
पान मसाला निर्माताओं के लिये सख्त नियम
नया पंजीकरण अनिवार्य
सभी पैकिंग मशीनों पर कार्यशील CCTV सिस्टम जरूरी
CCTV फुटेज को कम से कम 24 महीने तक सुरक्षित रखना होगा
उत्पाद शुल्क अधिकारियों को मशीनों की संख्या और क्षमता की जानकारी देनी होगी
यदि कोई मशीन 15 दिन या उससे अधिक बंद रहती है, तो उत्पाद शुल्क में छूट का दावा किया जा सकेगा
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

