शिवपूजन सिंह /वरिष्ठ पत्रकार
बेरमो(BERMO):- कोयलागरी बेरमो में अपराध तो उतना नहीं है. बेशक कोयला, लोहा, बालू की चोरी और जुआ अड्डे चलने की खबरें सुर्खिया बनते रहती हो.
लेकिन बेरमोवासियों क़ो सबसे ज्यादा परेशानी चोरों के आतंक से है, जिसके चलते आम आवाम दिक्कत में है.
अभी अभी करगली बाजार के पास एक ही दिन में तीन घरों में चोरी हो गई. बताया जाता है यहां परिवार वाले नहीं रह रहे थे, और लोग बाहर गए थे. इसी का फायदा चोरों ने उठाया और हाथ साफ कर गए. इस घटना से लोगों में डर और गुस्सा भी है. लोग अपने घरों क़ो महफूज नहीं मन रहें है. साथ ही पुलिस प्रशासन पर नाराजगी जतला रहें है.
हालांकि ये बेरमो में पहली चोरी की घटना नहीं थी बल्कि इससे पहले भी कई चोरी की वारदाते होती रही है. फुसरो, कारगली, सुभाष नगर में चोरों ने अपनी करास्तानी पहले दिखा चुके है. चोरों कों तो मानो पुलिस का खौफ ही उतर गया हो . वो तो मानो सीधे बेरमो पुलिस कों चुनौती दे रहे हो.
सबसे बड़ा सवाल कानून -इंतजामत का है. बेरमो पुलिस का पूरा अमला मौजूद है, बाबजूद खाकी का खौफ चोरों में नहीं दिखता है.
ये सिलसिलेवार चोरी की वारदाते बेरमो पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करती है. आखिर क्या कमी है कि चोर चकमा देकर चोरी कर ले रहे है.
सबसे सोचने और समझने वाली बात ये है कि पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ी रात में रोजाना गश्ती करती है. बड़ी मुस्तेदी भी दिखाई जाती है. लेकिन जमीन पर आज भी कोई असर दिखलाई नहीं पड़ता. चोरी बदस्तूर जारी है. प्रश्न यही यही है कि चोरी तो रुकेगी,अगर पुलिस इसके नेटवर्क क़ो खंगालकर शिकंजे में ले. तब ही मुमकिन है.
अगर पुलिस चाह जाए तो सबकुछ संभव है, बस इच्छाशक्ति दिखाने की जरुरत है.

