धनबाद(DHANBAD)आईआईटी आईएसएम में डिजिटल तकनीक के जरिए व्यावसायिक उत्कृष्टता और सतत व विकसित भारत 2047 पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन हुआ। प्रो. प्रबल के सेन (एमडीआई गुरुग्राम के बोर्ड सदस्य) ने उद्यमिता व डिजिटल तकनीक के माध्यम से व्यवसाय में सफलता व विकास के विषय पर व्याख्यान दिया। आईआईटी मद्रास की प्रो. लता द्याराम ने मानव संसाधन प्रबंधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका पर जानकारी दी। प्रो. भाबा कृष्ण मोहंती ने अनिश्चितता में प्रबंधन के निर्णय लेने पर अपने विचार साझा किए। प्रो. मेघा शर्मा ने सतत विकास में जोखिम प्रबंधन पर जानकारी दी। प्रो. सब्यसाची सिन्हा ने तेजी से बदलते बाजार में कॉरपोरेट और स्टार्टअप के सहयोग पर प्रकाश डाला। डॉ. सिद्धार्थ पॉल ने मशीन लर्निंग व ऑप्टीमाइजेशन के व्यावहारिक उपयोग बताए। प्रो. कम्पन मुखर्जी ने डिजिटल युग में सतत विकास पर चर्चा की। डॉ. प्रमोद पाठक ने विकसित भारत 2047 -केवल डिजिटलीकरण काफी नहीं, विषय पर विचार रखे। नबेंदु रॉय ने नई डिजिटल सूचना तकनीकों के उपयोग पर जानकारी दी। समापन समारोह में बीसीसीएल सीएमडी समीरन दत्ता ने कोयला क्षेत्र की डिजिटल बदलाव में भूमिका बताई। सिंफर के निदेशक प्रो. एके मिश्रा ने संयुक्त शोध की आवश्यकता पर जोर दिया। आईएसएम के कार्यवाहक निदेशक प्रो. धीरज कुमार ने संस्थान की नवाचार और विकास के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। प्रो. रश्मि सिंह, प्रो. संदीप मंडल, प्रो. नीलाद्री दास ने भी संबोधित किया।
NEWS ANP के लिए धनबाद से अनिल मुंडा की रिपोर्ट
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आईआईटी आईएसएम में अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की हुई समापन

