Waqf Amendment Bill: क्या है वाटरलू का युद्ध? जिस पर संसद में अखिलेश ने मोदी सरकार को घेरा…

Waqf Amendment Bill: क्या है वाटरलू का युद्ध? जिस पर संसद में अखिलेश ने मोदी सरकार को घेरा…

Waqf Amendment Bill: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पर चर्चा करते हुए कहा- “बीजेपी के लिए वक्फ बिल वाटरलू साबित होगा. क्योंकि ऊपर से तो सभी सहयोगी दल हां-हां कर रहे हैं, लेकिन अंदर ही अंदर बहुत सारे साथी सहमत नहीं हैं. ये बिल कोई उम्मीद लेकर नहीं आए हैं. ये सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है. यह बिल जो लाया जा रहा है ये अपने वोट बैंक को संभालने के लिए और समाज को बाटने के लिए है. ये मुस्लिम में भी बंटवारा चाहते हैं. लेकिन मुस्लिम धर्म में कोई बंटवारा नहीं है. बीजेपी की कोशिश है कि इस बिल से मुस्लिमों में जो भाईचारा है, उसका बंटवारा कर दें.” अखिलेश ने कहा, “समाजवादी पार्टी इस बिल का विरोध करती है और वोट पड़ेगा तो हम इसके खिलाफ वोट डालने जा रहे हैं.”

क्या हुआ था वाटरलू के युद्ध में?
वाटरलू का युद्ध 18 जून 1815 में बेल्जियम में लड़ा गया था. जिसमें नेपोलियन बोनापार्ट को उसके मित्र राष्ट्र से ही विरोध का सामना करना पड़ा. नेपोलियन की फ्रांसीसी सेना को ड्यूक ऑफ वेलिंगटन और मार्शल ब्लूचर के नेतृत्व वाली मित्र राष्ट्र सेनाओं ने हराया था. उसी युद्ध के बाद से ही नेपोलियन के शासन का अंत हुआ था.

धर्म की चीजों से कारोबार नहीं हो सकता: अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने महाकुंभ में लोगों की मौत और कारोबार वाले बयान पर कहा- “धर्म की चीजों से कारोबार नहीं हो सकता. हमारे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कहा था कि कारोबार होगा. अखिलेश ने योगी को एक बार फिर से ‘तीस मार खान’ बताया और कहा- “उनसे पूछा गया कि कुंभ में कितने लोगों की जान गई, तो उन्होंने कहा, 30. उनसे पूछा गया कि कारोबार कितने का होगा…उन्होंने कहा, 30 गुना 10 हजार करोड़. सोचिए कुंभ कारोबार की जगह है. जमीन, वो चाहे रेलवे की हो या डिफेंस की हो, वो भारत की है. मैं पूछना चाहता हूं कि क्या डिफेंस की जमीन नहीं बेची जा रही है?”

बीजेपी पर निशाना
अखिलेश यादव ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा- “बाहर लिखते सत्यमेव जयते, भाजपाई अंदर असत्य बात कहते.” उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष को लेकर भी तंज कसा और कहा- ये अभी तक अपना अध्यक्ष नहीं चुन पाए हैं. इसपर अमित शाह ने पलटवार करते हुए कहा, “मेरे सामने जितनी भी पार्टियां हैं, उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष उन पांच लोगों को ही चुनना है, उनके परिवार से. हमें 12-13 करोड़ सदस्यों में से प्रक्रिया के बाद चुनना है. इसलिए इसमें समय लगता है. आपके मामले में तो ज्यादा समय नहीं लगेगा. मैं तो कह रहा हूं कि आप 25 साल तक अध्यक्ष बने रहेंगे. नहीं बदल सकता.”

NEWSANP के लिए नई दिल्ली से ब्यूरो रिपोर्ट

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