रांची(RANCHI) : झारखंड पुलिस अपनी छवि को बदलने के प्रयास में स्मार्ट पुलिसिंग का दावा करती है. लेकिन एक रेंज में यह सिर्फ एक खानापूर्ति बनकर रह गयी है. पिछले कई दिनों से एक रेंज में कुछ सही नहीं चल रहा है. “मोहन” नाम का एक आदमी आजकल काफी चर्चा का विषय बना हुआ है. थानेदार तो कल तक खौफ के साये में जीते ही थे, लेकिन अब बड़े कारोबारी भी इसके निशाने पर है. मोहन वरीय अधिकारी के नाम पर थानेदारों से मोटी रकम ( लाख में ) वसूल रहा है. हालांकि, पुलिस सूत्र बताते हैं कि मोहन का दूसरा नाम प्रभात रंजन है. लेकिन, इसकी कोई पुष्टि नहीं कर रहा है. महीने में समय से मोहन को भेंट नहीं मिलने पर सस्पेंड तक कराने की धमकी मिल रही है. सब चीज़ें खुलेआम चल रही है. लेकिन, पुलिस मुख्यालय इस मामले में चुप्पी साधे हुए है.
जिले के एसपी तक परेशान चल रहे हैं मोहन नाम के व्यक्ति से
हाल के दिनों में यह नाम काफी जोरशोर से मार्केट में आया है. कई जिले के एसपी तक इस शख्स से परेशान हैं. यह कभी पोस्टिंग के नाम पर, तो कभी अधिकारी के नाम पर थानेदारों से पैसा की वसूली कर निकल जाता है. मामला बढ़ता देख जिले के एसपी ने थानेदारों को स्पष्ट हिदायत दी है कि अब आने वाले समय में यह व्यक्ति जब आये, उसे आराम से बैठाएं और एफआईआर रजिस्टर करें. इससे पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा कि यह व्यक्ति किसके लिए और क्यों काम कर रहा है.
कौन है मोहन*
पुलिस विभाग के एक अधिकारी ने अपना नाम न छापने की पर खुलकर कहा कि मोहन उसका फर्जी नाम है. हकीकत में मोहन प्रधान का ऑरिजिनल नाम प्रभात रंजन है. वह नाम बदलकर क्षेत्र में भ्रमण कर रहा है. प्रभात रंजन पुलिस विभाग का ही एक अंग है. हाल के दिनों में वह सस्पेंड हुआ था और एक जिले के मुख्यालय में योगदान दिया. फिर एक वरीय अधिकारी के करीब पहुंचकर गलत सुझाव देकर क्षेत्र में थानेदारों से भयादोहन शुरू कर दिया. नतीजा यह है कि अब वह थानेदारों के साथ-साथ क्षेत्र के कारोबारियों को भी हड़काने लगा है. झारखंड पुलिस की वर्दी अब दागदार होने लगी है.
NEWS ANP के लिए रांची ब्यूरो रिपोर्ट…
