SSP एच पी जनार्दनन के निर्देशानुसान पुलिस केंद्र धनबाद से साइबर सुरक्षा जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया…

SSP एच पी जनार्दनन के निर्देशानुसान पुलिस केंद्र धनबाद से साइबर सुरक्षा जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया…

धनबाद(DHANBAD):साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम एक राष्ट्रीय जन जागरूकता अभियान है जिसका उद्देश्य साइबर अपराध के बढ़ते खतरों से जनता को सतर्क करना एवं ऑनलाइन गतिविधियों को अधिक सुरक्षित और सशक्त बनाना है।

इसी अभियान के तहत वरीय पुलिस अधीक्षक हृदीप पी जनार्दनन महोदय के निर्देशानुसान रविवार को पुलिस केंद्र धनबाद से साइबर सुरक्षा जागरूकता रथ को पुलिस अधीक्षक नगर अजीत कुमार महोदय ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

जागरूकता अभियान के प्रथम चरण के दौरान पांच दिनों तक प्रचार रथ शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर लोगों को साइबर अपराध के संभावित खतरों एवं उससे बचाव के तरीकों के बारे में लोगों को जागरूक करेगी। इसके अतिरिक्त जिले में विभिन्न स्कूल कॉलेज व आवसीय परिसर में पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम के तहत भी निरंतर जागरूकता अभियान जारी है।

सिटी एसपी ने बताया कि साइबर सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी है और हम सभी को इसमें अपनी भूमिका निभानी है। जब हम सभी ऑनलाइन सुरक्षित रहने के लिए सरल कदम उठाते हैं तो यह इंटरनेट के उपयोग को अधिक सुरक्षित बनाता है। यह कार्यक्रम सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार को बढ़ावा देने की दिशा में एक अभूतपूर्व प्रयास का हिस्सा है।

मौक़े पर मौजूद पुलिस उपाधीक्षक साइबर संजीव कुमार महोदय ने कहा कि साइबर अपराध से बचाव के लिए पुलिस की विशेष टीम नई तकनीकों का उपयोग कर रही हैं। आज के समय में तकनीक पर लोगों की बढ़ती निर्भरता, साइबर हमलों के बढ़ते खतरे के साथ हमारी ऑनलाइन डिजिटल दुनिया में अधिक सुरक्षा की मांग है। यह जागरूकता अभियान लोगों को उनके डिजिटल सुरक्षा और संरक्षा सुनिश्चित करने में मददगार साबित होगा।

साइबर सुरक्षा जागरूकता रथ के जरिये साईबर अपराध के संभावित खतरों एवं उससे बचाव के तरीके का प्रचार प्रसार किया जा रहा है। लोगों कों बताया जा रहा है कि साइबर अपराध से बचने के लिए ध्यान रखे कि बैंक कभी भी एटीएम नंबर, सीवीवी नंबर, ओटीपी इत्यादी गोपनीय जानकारी की मांग नहीं करता है।

कभी भी कस्टमर केयर अधिकारी का नंबर गूगल सर्च इंजन से प्राप्त करे। इस कार्य हेतु उक्त कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट का ही प्रयोग करें। हमेशा ध्यान रहे कि MPIN या UPI PIN की जरूरत सिर्फ पैसो के भुगतान के लिए होती है, न कि प्राप्ति के लिए।

गुगल डॉक्स जैसे ऑनलाइन फॉर्म में गोपनीय बैंकिंग विवरणी कभी भी साझा न करे। बैंक कभी भी ऐसे ऑनलाइन फॉर्म भरने को नहीं कहता है। कभी भी अनजान श्रोत से प्राप्त लिंक को क्लिक या अग्रसारित यानी फॉरवर्ड न करे।

फोन के माध्यम से किसी कंपनी के अधिकारी के कहे जाने पर कभी भी किसी प्रकार का स्क्रीन शेयरिंग ऐप जैसे की टीम व्यूअर, एनी डेस्क इत्यादी को अपने कम्प्यूटर, लैपटॉप या फोन पर डाउनलोड न करें।

अपने अकाउंट से संबंधित ID/Passward को असान नही कठिन बनायें। (आपका मोबाईल नम्बर, जन्मतिथि, नाम इत्यादी कमजोर पासवर्ड है) एवं इसकी गोपनीयता को बनाये रखे एवं समय-समय पर बदलते रहें।

यह सुनिश्चित करें कि आपकी निजी जानकारी, फोटो, विडियो इत्यादि अंजान लोगों तक ना पहुंचे, हो सके तो अपना निजी फोटो/विडियों सोशल मिडिया पर शेयर न करें।

डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई व्यवस्था पुलिस विभाग में नहीं होती हैं। इस प्रकार से मिलने वाली धमकियों से डरे नहीं बल्कि इसकी जानकारी तुरंत अपने नजदीकी थाने या फिर 1930 को दे।

शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर कभी भी निजी एवं गैर सरकारी वितीय संस्थानों में पैसों का निवेश न करें यह जोखिम भरा हो सकता है।

भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के लाभ दिलाने के नाम पर आने वाले मैसेज या फोन कॉल से सावधान रहें क्योंकि सरकार की संस्था कभी भी कॉल करके योजनाओं का लाभ नही देती हैं।

पार्ट टाईम जॉब करने के नाम पर आने वाले कॉल / मैसेज का जबाव ना दे। केडिट कार्ड कंपनियों से आने वाले कॉल की पहले जॉच करें। कोई भी गोपनीय जानकारी फोन पर साझा ना करें।

यदि आप साइबर ठगी के शिकार हो जाते है तो तुरंत भारत सरकार द्वारा साइबर सुरक्षा हेतु जारी किये गये टोल फ्री नंबर-1930 में या फिर cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत तुरंत दर्ज करें।

याद रहे सतर्कता एवं जागरुकता ही साइबर अपराध से सुरक्षा का एकमात्र विकल्प हैं। इसलिए जागरुक और सतर्क रहें।

कार्यक्रम में साइबर थाना प्रभारी अक्षय राम, शरत दूधानी, विक्रांत उपाध्याय, सर्जेन्ट प्रवीण कुमार, पंकज रजक समेत अन्य मौजूद थे।

NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

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