धनबाद( DHANBAD): विजयादशमी…जिसे दशहरा भी कहते हैं. इस दिन देशभर में अलग ही रौनक देखने को मिलती है. खास तौर पर बंगाल में नवरात्र के अगले दिन मनाए जाने वाले दशहरा को अलग ही नजारा देखने को मिलता है. बंगाली समुदाय इस दिन सिंदूर खेला की रस्म अदा करता है. ये रस्म इस समुदाय की परंपरा का अहम हिस्सा है, लेकिन अब ये परंपरा बंगाल से निकलकर देश के अलग-अलग हिस्सों में भी पहुंच गया है. ऐसे में इस बार धनबाद समेत कई शहरों में सिंदूर खेला की रस्म निभाई जाएगी. धनबाद की बात करें तो इस बार जहां भव्य पंडाल बनाए गए हैं, वहीं सिंदूर खेला भी खूब सुर्खियों में है.
क्या होता है ये रस्म?
विजयादशमी को बंगाली समुदाय के लोग मां दुर्गा को सिंदूर चढ़ाते हैं. इसके साथ ही माता रानी के पंडालों में मौजूद लोग एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर दूर्गा पूजा की शुभकामनाएं देते हैं. जिसके साथ इस अनोखी रस्म का आगाज हो जाता है. इस दौरान महिलाएं एक दूसरे को सिंदूर लगाती है और धूमधाम से दुर्गा पूजा का समापन करती हैं. यहीं परंपरा सिंदूर खेला के नाम से पूरी दुनिया में मशहूर है. ऐसी मान्यता है कि 10 दिनों के लिए मां दुर्गा अपने मायके आती हैं. इस मौके पर उनके स्वागत के लिए बड़े-बड़े पंडालों में मां की प्रतिमा स्थापित होती है. दशमी तिथि के दिन सिंदूर की होली खेल कर मां दुर्गा को विदा किया जाता है.
NEWSANP के लिए धनबाद से रागिनी पांडेय की रिपोर्ट

