श्री 1008 काशी महामंडलेश्वर स्वामी इंद्रदेव नारायण सरस्वती का भव्य दरबार जामताड़ा में सजा, निकली पवित्र कलश यात्रा…


जामताड़ा(JAMTADA) श्रीमद्भागवत कथा वाचक श्री 1008 काशी महामंडलेश्वर स्वामी इंद्रदेव नारायण सरस्वती का भव्य दरबार जामताड़ा के ऐतिहासिक गांधी मैदान में सजेगा। इसके लिए पवित्र कलश यात्रा निकाली गई । जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिलाओं ने भाग लिया। भक्तिमय वातावरण में गाजे, बाजे और शंखनाद के साथ यात्रा दुमका रोड शिवालय से निकली। जो बाजार मार्ग होकर कथा स्थल पहुंची।

इस दौरान जगह जगह शहर वासियों ने पुष्प वर्षा किया। हम आपको बताते चलें कि सनातन संस्कृति में पवित्र अनुष्ठान से पहले कलश स्थापना अनिवार्य है। इसके लिए पवित्र नदी, तालाब अथवा कुंआ के जल को वैदिक रीति रिवाज के साथ अनुष्ठान स्थल पर लया जाता है। जहां पंच तत्वों में अग्रणी जल की स्थापना कलश स्वरूप में होता है। मान्यता है कि उक्त कलश में सृष्टि के सभी पवित्र जल स्रोत का आह्वान होता है।

जहां अखंड दीप जलाकर और पृथ्वी पर बने अग्नि कुंड प्रज्वलित होता है। वायु और आकाश देव से सहज बने रहने के लिए प्राथना की जाती है। इस प्राथना को कलश में स्थापित वरूण देव और कुण्ड में प्रज्जवलित अग्नि देव संबंधित देवी देवताओं तक पहुंचाते हैं। जिसमें वायु देव और आकाश देव सहायक होते हैं।

अनुष्ठान के पूर्णाहुति पर उक्त कलश संपूर्ण सृष्टि के उर्जा से चार्ज हो जाता है। जिसके प्रयोग से दैहिक, दैविक, भौतिक सभी तरह के समस्या का निदान पलक झपकते हो जाता है। यही कारण है कि कलश यात्रा अनुष्ठान की महत्ता युग युगांतर से चली आ रही है। यह वैज्ञानिक मापदंड पर भी बार बार खड़ा उतरते रहा है।संपूर्ण आयोजन की विस्तृत जानकारी महामंडलेश्वर काशी पीठाधीश्वर श्रीश्री 1008 इंद्रदेव नारायण ने दी है।

NEWS ANP के लिए जामताड़ा से R.P.सिंह की रिपोर्ट..


Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *