धनबाद(DHANBAD): भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और सरकार के कानून को देखा जाए तो भारतीय मुद्रा को प्रचलन में होने के बाद मना करना कानूनन अपराध है. फिर भी दुकानदार एक रुपये का छोटा सिक्का लेने से मना कर रहे हैं
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने एक रुपये का सिक्का अधिकृत रूप से प्रचलन के लिए चलाया है.
लेकिन कुछ दिनों से बाजार में एक रुपये के छोटे सिक्के को लेकर तरह-तरह की भ्रांतियां फैली हुई है. दुकानदार ये छोटा सिक्का लेने से मना कर देते हैं. जिससे आम आदमी या ग्राहक को कई बार दुकानदार के साथ बहस करते हुए भी देखा गया है. यही बात 10 रुपये के सिक्के पर भी देखने को मिली है.
दरअसल बाजार में 1 रुपये के दो तरह के सिक्के देखने में आते हैं. जिनमें से एक सिक्के को दुकानदार लेने से मना कर देता है. यदि भारतीय रिजर्व बैंक और सरकार के कानून को देखा जाए तो भारतीय मुद्रा को प्रचलन में होने के बाद मना करना कानूनन अपराध है.
फिर भी दुकानदार एक रुपये का छोटा सिक्का लेने से मना कर रहे हैं. वही RBI ने साफ तौर पर बताया कि एक रुपए का छोटा सिक्का भारतीय मुद्रा की अधिकृत करेंसी है. इसको लेने से मना करना अपराध की श्रेणी में आता है. ऐसे लोगों के खिलाफ कानून में कड़ी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है.
इसी को लेकर चेम्बर ऑफ कॉमर्स के प्रेसिडेंट प्रमोद गोयल ने लोगो के इस भ्रम को दुर करने के लिए जागरूक कर रहे है। वे सभी बैंक मे पोस्टर या सोशल मीडिया के माध्यम से 1 रूपय के छोटे सिक्के के लेन-देन बेझिझक कर सके। साथ ही चेम्बर ऑफ कॉमर्स के प्रेसिडेंट प्रमोद गोयल ने कहा कि अगर अपके पास 1रूपय के छोटे सिक्के है तो वे उनके पास आकर एक्सचेंज करा सकते है।
News ANP के लिए नीतेश के साथ अंजली चक्रवर्ती की रिपोर्ट….