नई दिल्ली(NEW DELHI): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को नई दिल्ली स्थित संसद भवन परिसर के संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में कॉमनवेल्थ के स्पीकर्स और पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन (CSPOC) का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, इस अवसर पर प्रधानमंत्री सम्मेलन को संबोधित भी करेंगे।
इस उच्चस्तरीय अंतरराष्ट्रीय संसदीय सम्मेलन की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला करेंगे। सम्मेलन में 42 कॉमनवेल्थ देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले 61 स्पीकर्स और पीठासीन अधिकारी, साथ ही विश्व की चार अर्ध-स्वायत्त संसदों के प्रतिनिधि भाग लेंगे।
यह आयोजन कॉमनवेल्थ के भीतर संसदीय संवाद और लोकतांत्रिक सहयोग के एक प्रमुख केंद्र के रूप में भारत की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करता है।
PMO के अनुसार, सम्मेलन में समकालीन संसदीय मुद्दों की एक व्यापक श्रृंखला पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसमें मजबूत लोकतांत्रिक संस्थानों को बनाए रखने में स्पीकर्स और पीठासीन अधिकारियों की भूमिका पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। चर्चाएं ऐसे समय में संसदीय लोकतंत्र को सुदृढ़ करने पर केंद्रित होंगी, जब दुनिया भर की विधायिकाएं तेज़ राजनीतिक, तकनीकी और सामाजिक परिवर्तनों का सामना कर रही हैं।
सम्मेलन के प्रमुख विषयों में संसदीय कार्यों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग, सांसदों पर सोशल मीडिया का प्रभाव, तथा डिजिटल उपकरणों से उत्पन्न चुनौतियां और अवसर शामिल हैं। इसके साथ ही, संसद के प्रति जनता की समझ बढ़ाने और मतदान से परे नागरिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए नवीन उपायों पर भी चर्चा होगी।
PMO ने बताया कि CSPOC एक प्रतिष्ठित वैश्विक मंच है, जो स्पीकर्स और पीठासीन अधिकारियों को विधायी प्रक्रियाओं, संसदीय नैतिकता और संस्थागत अखंडता से जुड़ी सर्वोत्तम प्रथाओं और अनुभवों के आदान-प्रदान का अवसर प्रदान करता है।
भारत द्वारा 28वें संस्करण की मेजबानी लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय परंपराओं के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

