नई दिल्ली (NEW DELHI): आई ने नीट-यूजी 2024 के पेपर लीक मामले में दूसरी पूरक चार्जशीट दाखिल कर दी। इसमें कहा गया है कि परीक्षा से कुछ घंटे पहले नीट-यूजी के लीक और हल पेपर पाने के लिए कथित तौर पर 144 अभ्यर्थियों ने पैसे दिए थे। बीते हफ्ते दाखिल आरोप पत्र में पंकज कुमार का नाम है, जिसने हजारीबाग स्थित ओएसिस स्कूल के प्राचार्य अहसानुल हक और उप प्राचार्य मोहम्मद इम्तियाज आलम से मिलीभगत करके स्कूल से प्रश्नपत्र चुराए थे।
सूत्रों ने बताया, बैंक से पेपर 5 मई सुबह 8 बजे स्कूल पहुंचे, उसी दिन परीक्षा थी। यहीं से पेपर लीक हुआ। अहसानुल हजारीबाग के सिटी समन्वयक थे और आलम केंद्र अधीक्षक। 5,500 पेज के आरोप पत्र में 298 गवाहों, 290 दस्तावेजों का जिक्र है। इसमें कहा गया है कि अहसानुल और आलम ने पंकज को उस कमरे में जाने दिया, जहां पेपर थे। उसने एक पेपर निकालकर फोटो ली। इसके बाद पेपर ट्रंक में रखकर फिर सील कर दिया। पंकज ने ट्रंक खोलने और सील करने के लिए अत्याधुनिक टूल किट का इस्तेमाल
किया। इसे उसके घर से जब्त किया गया। स्कूल से निकलने के बाद उसने पेपर की फोटो सुरेंद्र शर्मा को दी, जो हजारीबाग के गेस्ट हाउस में था। यहीं मेडिकल के नौ छात्रों ने इसे हल किया। इसके बाद हल पेपर्स स्कैन करके अलग-अलग स्थानों पर भेजे गए। फिर उन जगहों पर गिरोह ने पेपर प्रिंट करके उम्मीदवारों को सौंपे। उन्हीं उम्मीदवारों को पेपर दिए गए, जिन्होंने पैसे दे दिए थे। अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्र जाने के बाद पेपर जला दिए गए। सीबीआई ने 144 छात्रों की पहचान की है। उनपर कानूनी कार्रवाई हो रही है।
NEWSANP के नई दिल्ली लिए से ब्यूरो रिपोर्ट

