दिल्ली(DELHI): सूत्रों की मानें तो अभी तक की जांच में ये बात सामने आ रही है कि संसद कांड का मास्टरमाइंड ललित झा है. इस कांड के पीछे बड़ी साजिश का अंदेशा है.
जिसका खुलासा ललित झा से पूछताछ के बाद होगा. सूत्रों की मानें तो ललित झा के कहने पर ही 13 दिसंबर की तारीख तय की गई थी. तय प्लान के मुताबिक ही आरोपी संसद के भीतर जूते में कलर स्प्रे छिपाकर ले गए थे और संसद के भीतर पहुंचकर दो आरोपियों ने बवाल मचाया.
बाकी दो आरोपी बाहर मौजूद थे. कलर वाला पटाखा महाराष्ट्र से अमोल शिंदे लेकर आया था. 13 दिसंबर की सुबह 9 बजे आरोपियों ने सांसद के पीएम से पास कलेक्ट किया.
इसके बाद सभी आरोपी इंडिया गेट पर मिले और सभी को कलर वाला कैंडल बांटा गया. इसके बाद करीब 12 बजे का वक्त था, जब आरोपी संसद भवन में दाखिल हुए. 1 बजकर 1 मिनट पर संसद में घटना को अंजाम दिया गया.
सूत्रों से जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक मास्टरमाइंड ललित संसद के बाहर मौजूद था और घटना का वीडियो बना रहा था. उसका स्क्रीन शॉट सामने आया है जिसमें वो किसी को वीडियो भेजकर जानकारी साझा कर रहा है.
ललित झा ने ही कलर अटैक का वीडियो मोबाइल में शूट कर सोशल मीडिया पर अपलोड किया. घटना को अंजाम देने से पहले ललित ने ही चारों आरोपियों का फोन अपने पास रखा था. हंगामा होने के बाद ललित मोबाइल लेकर भाग निकला. पुलिस का शक है कि मोबाइल में साजिश से जुड़े कई सबूत हो सकते हैं.
News ANP के लिए दिल्ली से ब्यूरो रिपोर्ट..