रांची(RANCHI); JSCA (झारखंड क्रिकेट संघ) का चुनाव 18 मई को होने जा रहा है, लेकिन उससे पहले ही मैदान गर्म है, दिलों में जोश है और ज़ुबानों पर वादों की बारिश। इस बार का चुनाव कुछ खास है, क्योंकि ये पहला मौका है जब अमिताभ चौधरी हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी छवि, उनका सपना और उनकी विरासत इस चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा बन चुकी है। पूर्व उपाध्यक्ष अजय नाथ शाहदेव ने गुरुवार को अपनी पूरी टीम के साथ प्रेस क्लब में शंखनाद किया। उन्होंने साफ कहा, ”यह चुनाव सिर्फ कुर्सी का नहीं, अमिताभ जी के अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प है।” उनकी टीम में क्रिकेट की दुनिया के पुराने और सशक्त चेहरे हैं। पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी सौरभ तिवारी सचिव पद के लिये, अनुभवी शाहबाज नदीम सह-सचिव पद पर और अमिताभ घोष कोषाध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर उद्योगपति और दिग्गज कारोबारी एसके बेहरा भी मैदान में हैं, सधी रणनीति और ताकतवर साथियों के साथ। उनकी टीम का प्रचार कई हस्तियां कर रहे हैं। खूंटी के एसबी सिंह सचिव पद पर चुनाव लड़ रहे हैं।
क्या अमिताभ चौधरी बनेंगे ‘इमोशनल कार्ड’?
जब अजय नाथ शाहदेव से पूछा गया कि क्या उन्हें अमिताभ चौधरी के परिवार का समर्थन है, तो उन्होंने बड़ी गरिमा से जवाब दिया, ”फिलहाल इमोशनल कार्ड की जरूरत नहीं, मुद्दा क्रिकेट का है, नीयत की बात है। जो अधूरा सपना है, उसे हम पूरा करेंगे।” राज्य में क्रिकेट राजनीति के जानकारों की मानें, तो ये मुकाबला बेहद कड़ा है। एक ओर अनुभव, विश्वास और क्रिकेटिंग चेहरों की टीम है, तो दूसरी ओर शक्ति, साधन और रणनीति से लबरेज दावेदार।
NEWSANP के लिए रांची से ब्यूरो रिपोर्ट

