गर्लफ्रेंड से मिलने में बाधक बन रहे थे जेलर, इसलिए अमन ने बनाई थी हत्या की योजना..

धनबाद(DHANBAD): विकास कुमार रवानी और बजरंगी और सतीश कुमार गांधी ने अपने स्वीकारोक्ति बयान में बताया कि अमन सिंह अक्सर जेल के पदाधिकारियों एवं अन्य बंदियों से उलझ जाता था।डर से सभी बंदी उसके पांव छूते थे। धनबाद जेल वापस आने के बाद वह महिला वार्ड बंद अपनी प्रेमिका से मिलने जाता था। जिसकी चर्चा पूरी जेल में था। जेलर मुस्तकीम अंसारी ने भी कई बार उसे मना किया था इसे लेकर वह अक्सर जेलर से खफा रहता था और उन पर पक्षपात का आरोप लगाते रहता था इसी दौरान दिवाली के समय अमन सिंह ने अपने लड़कों के लिए बाहर से मिठाई मंगाई थी, जिसे जेल ने अंदर लाने से रोक दिया था इस पर अमन सिंह भड़क गया और गाली गलौज करने लगा इसके बाद अमन सिंह ने गांधी व बजरंगी से कहा कि चलो जेलर को मारते हैं, लेकिन दोनों नहीं गए तब अमन सिंह ने अपने कुछ लड़कों के साथ जेल गेट की तरफ जाकर काफी गाली गलौज की थी इसके बाद से अमन से उन दोनों की बातचीत कम हो गई उन्हें लगा कि अमन के चक्कर में जेल में उनकी भी परेशानी बढ़ जाएगी। इसकी जानकारी आशीष को हो गई

वहीं अमन अक्सर अपने लड़कों से बोलता था कि कुछ दिन इंतजार करो दुमका जेलर पर तो सिर्फ गोली ही चलवाया था, देखो हम कैसे इस जेलर का गेम बजाते हैं।

राशन गोदाम में छुपा कर रखा था हथियार

जेलर को मारने के लिए आशीष ने रितेश उर्फ सुंदर महतो को जेल भेजा था आशीष ने बजरंगी व गांधी को फोन कर बताया कि मेरा एक लड़का जेल गया है उसे मिले इस पर दोनों सुंदर से मिले और उसे बाथरूम में ले गए गांधी अपने फोन से आशीष रंजन से उसकी बात कराई फोन पर आशीष रंजन ने कहा कि अमन सिंह बोला है कि जेलर को मार दो, भैया मैं यह काम नहीं करूंगा हम लोग ने इस काम के लिए उसे मना कर दिया था। इसके बाद रितेश थोड़ा परेशान रहने लगा दूसरे दिन फिर आशीष रंजन के साथ फोन पर बातचीत में आशीष ने गांधी और विकास से कहा कि तुम और गांधी मिलकर किसी भी तरह उसे लड़के को राजी करो, अमन सिंह घटना करवाने के लिए बहुत दबाव बना रहा है उसने कहा कि हथियार तुम लोगों के पास पहुंच जाएगा दोनों मदद कर लेना अमन सामने नहीं आना चाहता है घटना के तीन दिन पूर्व आशीष रंजन का फेसबुक पर ऑडियो कॉल गांधी के फोन पर आया इसमें उसने बताया कि जेल के गोदाम में जहां सभी लोगों के राशन का सामान रखा जाता है। उसमें एक झोले में हथियार रखा गया है तुम लोग उसे लाकर रितेश को दे देना दोनों गोदाम में और वहां एक झोला से दो पिस्तौल निकाल कर रख ली फिर कॉल कर रितेश पर दवा बनाने लगा तब उसने मना कर दिया तो कहा कि अमन तुम्हारे परिवार को मार देगा तुमको बचाना है तो तुम अमन को गोली मार दो इसके बाद रितेश अमन सिंह की हत्या के लिए तैयार हो गया।

गांधी ने जेल के बाहर फेंका था हथियार

3 दिसंबर को करीब 12:00 बजे गांधी बजरंगी के वार्ड की तरफ आया बजरंगी के पास मौजूद दोनों पिस्टल को लेकर रितेश सुंदर को दे दिया इसके बाद रितेश हथियार लेकर किचन के रास्ते अस्पताल के वार्ड की ओर चला गया थोड़ी देर में गोली चलने की आवाज सुन सभी कैदी इधर-उधर भागने लगे गांधी व बजरंगी भी अपने वार्ड पर घुस गया बजरंगी ने घबराकर अपना मोबाइल तोड़कर झाड़ियां में फेंक दिया वहीं अमन सिंह को गोली मारकर रितेश बजरंगी के वार्ड में घुस गया उसके पास से दोनों हथियार बजरंगी ने छीना और गांधी ने हथियार जेल के बाहर फेंक दिया जब दौड़कर सभी अपने-अपने बैरक की तरफ जाने लगे तो रास्ते में ही अमन सिंह के कुछ लड़के लाठी डंडों से लैस होकर उनकी और दौड़े इससे घबराकर गांधी वार्ड पंच के बाथरूम में घुस गया तथा बजरंगी भी अपने बैरक में चला गया।

मैसेंजर पर कालिया को बार-बार कॉल करता था ‘अयूब’

आशीष ने अयूब खान और गांधी ने कालिया सिंह के नाम से मैसेंजर पर अकाउंट बना रखा था आपके जरिए गांधी को ऑडियो कॉल कर करता था सतीश ने इस बात का खुलासा किया।

रेमंड अवधि पूरी होने पर रितेश और गांधी को कोर्ट से वापस भेजा गया जेल

अमन सिंह हत्याकांड के आरोपी रितेश यादव और सुंदर महतो व जेल में हथियार छुपाने के आरोपी सतीश गांधी की डिमांड अवधि समाप्त होने पर शनिवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया अदालत ने दोनों को जेल भेज दिया एक अन्य आरोपीय विकास बजरंगी की तबीयत खराब हो जाने के कारण उसे अस्पताल में दाखिल कराया गया है अदालत ने आईओ को निर्देश दिया कि उसका इलाज कड़ी सुरक्षा के बीच कराया जाए और ठीक हो जाने पर कोर्ट में पेश किया जाए आईओ ने बताया कि बजरंगी की सुरक्षा के लिए तीन पुलिस अधिकारी और 12 जवान तैनात किए गए हैं

जेल में अमन सिंह से हुई थी पहचान

स्वीकारोक्ति बयान में विकास सिर्फ बजरंगी ने बताया कि वह कोयला चोरी करके बेचता था इसी दौरान में एक मारपीट के केस में जेल चला गया था ऐसे में उसने मनोज यादव को अपने रास्ते से हटाने के लिए एक योजना बनी जेल में उसकी दोस्ती शूटर अमन सिंह से हुई उसने अमन सिंह के साथ मिलकर मनोज यादव की हत्या कर दी। वही गांधी ने बताया कि वर्ष 2012 में कोयला कारोबार को लेकर गोली चलाने के कारण केंडवाड़ी थाना से पहली बार जेल गया था करीब चार माह बाद जेल से छुटकारा अपने घर कुस्तौर में रहने लगा वहां जिम जाने के दौरान उसकी दोस्ती आशीष रंजन उर्फ छोटू सिंह से हो गई उसने आशीष रंजन के साथ मिलकर वर्ष 2019 में समीर मंडल को गोली मार कर हत्या कर दी जिसको कुछ माह बाद आशीष रंजन उर्फ छोटू गिरफ्तार होकर जेल चला गया जबकि वह फरार हो गया फरारी के दौरान ही उसने कई आपराधिक घटना को अंजाम दिया 19 अगस्त 2020 को अपने अन्य साथियों के साथ यूसीसी कंपनी के लोकल मैनेजर सतीश सिंह की बैंक मोड में गोली मारकर हत्या की इसके बाद पुलिस का दबाव बढ़ाने पर 5 अगस्त 2021 को कोर्ट में सरेंडर कर जेल चला गया तब से वह धनबाद जेल में बंद है। जेल में आशीष ने ही अमन सिंह से फोन कर दोस्ती कराई थी..

News ANP के लिए अंजली चक्रवर्ती की रिपोर्ट..

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *