IIT (ISM) धनबाद में एनटीयू ताइवान के शोधार्थी का व्याख्यान…

IIT (ISM) धनबाद में एनटीयू ताइवान के शोधार्थी का व्याख्यान…

धनबाद(DHANBAD):आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के एप्लाइड जियोफिजिक्स विभाग में नेशनल ताइवान यूनिवर्सिटी (NTU) के जियोसाइंस विभाग के पीएचडी स्कॉलर श्री ललित आर्य ने एक रिसर्च टॉक और इंटरएक्टिव सेशन दिया।

आर्य ने अपने रिसर्च टॉक का विषय रखा “Listening to the Ocean’s Pulse: Microseism Observations from Mid-Pacific and Northern Ryukyu OBS Arrays, and Early Detection of Superstorms in the Western Pacific and Bay of Bengal”। उन्होंने समझाया कि माइक्रोसिज्म (Microseism) समुद्री लहरों और तट या समुद्री तल के बीच होने वाली क्रिया से उत्पन्न बहुत हल्के सिग्नल होते हैं, जो सुपरस्टॉर्म जैसी आपदाओं की शुरुआती पहचान में मददगार साबित हो सकते हैं।

उन्होंने बताया कि माइक्रोसिज्मिक शोर दो तरह का होता है:

सेकेंडरी माइक्रोसिज्म (Double-Frequency, 2–10 सेकंड) – इसमें शॉर्ट पीरियड (2–6 सेकंड) और लॉन्ग पीरियड (6–10 सेकंड) शामिल हैं।

प्राइमरी माइक्रोसिज्म (Single-Frequency, 11–20 सेकंड) – जिनकी फ्रीक्वेंसी समुद्री लहरों की फ्रीक्वेंसी के बराबर होती है।

अपने दूसरे सत्र में श्री आर्य ने इंडो–ताइवान DST–NSTC प्रोग्राम के तहत NTU और IIT (ISM) के बीच सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की और भविष्य में संयुक्त शोध की संभावनाओं को रेखांकित किया।

कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष प्रो. सौमेन मैती समेत बड़ी संख्या में शोधार्थी और छात्र मौजूद रहे। सत्र की शुरुआत प्रो. निप्तिका जाना (सहायक प्राध्यापक) ने स्वागत भाषण और अतिथि वक्ता का परिचय देकर किया।

अंत में प्रश्नोत्तर सत्र में छात्रों और शोधार्थियों ने विषय पर गहन चर्चा की और इंडो–ताइवान सहयोग से रिसर्च के नए रास्तों पर विचार साझा किया।

NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

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