धनबाद(DHANBAD): आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के लिए ये बड़ी खुशखबरी है कि केमिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के रिसर्चर डॉ. शिवशंकर प्रसाद को गांधीअन यंग टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन (GYTI) एप्रिसिएशन अवॉर्ड 2024 से सम्मानित किया गया है। अवॉर्ड सेरेमनी 28 जनवरी 2026 को CSIR–नेशनल फिजिकल लेबोरेटरी (NPL), नई दिल्ली में हुई, जहां ये सम्मान भारत सरकार के प्रिंसिपल साइंटिफिक एडवाइजर प्रो. अजय कुमार सूद ने दिया।
डॉ. प्रसाद को ये अवॉर्ड उनके इनोवेटिव रिसर्च के लिए मिला है, जो 2,5-फ्यूरान डाइकार्बोक्सिलिक एसिड (FDCA) के प्रोडक्शन से जुड़ा है। FDCA बायोमास से बनने वाला एक अहम बायोपॉलिमर बेस केमिकल है, जो आगे चलकर इको-फ्रेंडली और सस्टेनेबल मटेरियल बनाने में काम आ सकता है। ये रिसर्च ग्रीन केमिस्ट्री, सर्कुलर इकॉनमी और पर्यावरण के लिए बेहतर टेक्नोलॉजी की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
उन्होंने ये काम प्रो. एजाज अहमद और प्रो. सुमन दत्ता की जॉइंट गाइडेंस में किया। खास बात ये है कि प्रो. एजाज अहमद खुद भी GYTI अवॉर्डी रह चुके हैं — उन्हें 2018 में स्टूडेंट कैटेगरी में और 2020 में फैकल्टी कैटेगरी में इनोवेशन के लिए सम्मान मिला था। इससे साफ है कि डिपार्टमेंट में इनोवेशन और क्वालिटी रिसर्च की मजबूत परंपरा है।
जनवरी 2026 इस रिसर्च ग्रुप के लिए काफी उपलब्धियों वाला महीना रहा। टीम को ₹1.51 करोड़ की प्रोजेक्ट फंडिंग Li-ion बैटरी रीसाइक्लिंग पर मिली है, साथ ही ग्रुप का सिलेक्शन इंडो-यूरोपियन होराइजन प्रोजेक्ट ऑन बायोहाइड्रोजन में भी हुआ है।
संस्थान ने डॉ. शिवशंकर प्रसाद और उनके गाइड्स को बधाई देते हुए कहा कि आईआईटी (आईएसएम) धनबाद ऐसे रिसर्च को बढ़ावा देता रहेगा जो समाज और इंडस्ट्री दोनों के लिए फायदेमंद हो।
NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

