धनबाद(DHANBAD): IIT (ISM) धनबाद अपने 100वें स्थापना वर्ष में प्रवेश कर चुका है और इस ऐतिहासिक अवसर को भव्य स्तर पर मनाने की तैयारी कर रहा है। शताब्दी समारोह 03 से 09 दिसंबर 2025 तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें संस्थान की गौरवशाली यात्रा, उपलब्धियां, शोध योगदान और भविष्य की तकनीकी दिशा को प्रदर्शित किया जाएगा।
संस्थान की स्थापना 1926 में ब्रिटिश शासन के दौरान हुई थी और तब से यह खनन, विज्ञान, इंजीनियरिंग, ऊर्जा, भूविज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में देश-विदेश में अपनी अलग पहचान बना चुका है। IIT(ISM) ने देश की औद्योगिक प्रगति, खनन सुरक्षा, ऊर्जा विकास और तकनीकी नवाचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
समारोह में क्या-क्या होगा?
शताब्दी सप्ताह के दौरान कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं—
- 2047 तक विकसित भारत विज़न पर आधारित फाउंडेशन स्टोन का अनावरण
- अत्याधुनिक रिसर्च और इनोवेशन शोकेस
- छात्रों एवं शोधकर्ताओं के लिए वैज्ञानिक गतिविधियाँ
- पर्यावरण संरक्षण आधारित कार्यक्रम
- खेल-कूद, सांस्कृतिक आयोजन और हेल्थ इनिशिएटिव
- राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की उपस्थिति
- संस्थान के 100 साल के इतिहास को दिखाने वाली विशेष प्रदर्शनी
इस समारोह में कुल 35 संस्थागत गतिविधियों को शामिल किया गया है, जिन्हें समाज के हर वर्ग की भागीदारी के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है।
कार्यक्रम का समापन 9 दिसंबर को केंद्र सरकार के सहयोग से आयोजित किए जाने वाले फाउंडेशन स्टोन समारोह के साथ होगा। यह नया कदम IIT(ISM) के अगले सौ वर्षों के सफर की शुरुआत का प्रतीक बनेगा।
डीन (कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस) रजनी सिंह ने बताया कि 100 वर्षों की सफल यात्रा के बाद IIT(ISM) अब एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है, जहां इंडस्ट्री 4.0, नवीकरणीय ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, भविष्य की इंजीनियरिंग और बहु-विषयक अनुसंधान इसका मुख्य केंद्र होंगे।
IIT(ISM) धनबाद का यह शताब्दी वर्ष न केवल संस्थान की उपलब्धियों का उत्सव है, बल्कि आने वाले सौ वर्षों के तकनीकी नेतृत्व की दिशा भी तय करेगा।
NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

