हरियाणा(HARIYANA): हरियाणा के आईपीएस वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या के दो दिन बाद चंडीगढ़ पुलिस ने हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारणिया समेत सुसाइड नोट में शामिल 14 अधिकारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 3(5), 3(1)(आर) और एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।
इस मामले में उनकी पत्नी और आईएएस अधिकारी अमनीत पी. कुमार ने सीएम सैनी से शिकायत की है। सीएम से बातचीत के दौरान अमनीत ने दो पन्नों की शिकायत सौंपी, जिसमें आरोपित अधिकारियों को निलंबित करने, गिरफ्तार करने व परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की।
उन्होंने सीएम को सौंपे पत्र में कहा कि सुसाइड नोट में उत्पीड़न, अपमान और मानसिक यातना का माहौल बनाने के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के नाम साफ तौर पर दर्ज हैं। यह नोट एक मृत्यु पूर्व बयान है और इसे तत्काल कानूनी कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण सबूत माना जाना चाहिए।
अमनीत ने आशंका जताई कि इस शिकायत के बाद उच्च पदस्थ अधिकारी उन्हें और उनके परिवार को बदनाम करने की कोशिश करेंगे और उनके विरुद्ध विभागीय अथवा अन्य तरीके से फंसाने की कोशिश करेंगे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने परिवार को सुरक्षा व न्याय का भरोसा दिलाया। यहीं पर मुख्यमंत्री और अमनीत कुमार की करीब सवा घंटे बातचीत हुई। उन्होंने पति के मानसिक, जातिगत व व्यक्तिगत उत्पीड़न की जानकारी ली।
NEWSANP के लिए हरियाणा से ब्यूरो रिपोर्ट

