नई दिल्ली(NEW DELHI): बाहुबली के बाद से ही साउथ फिल्मों का नॉर्थ इंडिया में क्रेज काफी बढ़ गया है। बाहुबली के बाद केजीएफ, पुष्पा और आरआरआर जैसी तमाम फिल्मों को हिंदी भाषा में बड़ी ओपनिंग मिली थी। हालिया उदाहरण पुष्पा 2 द रूल (Pushpa 2 The Rule) है जिसने हिंदी में धांसू कलेक्शन कर हाइएस्ट ग्रॉसिंग हिंदी फिल्म जवान को भी पीछे कर दिया था। राम चरण की लेटेस्ट फिल्म गेम चेंजर (Game Changer) से भी यही उम्मीद लगाई जा रही थी..
तेलुगु ड्रामा गेम चेंजर 2025 की मच अवेटेड फिल्म थी। इसकी वजह तीन साल बाद राम चरण का सोलो कमबैक भी था। आरआरआर की सफलता के बाद से ही उन्हें बड़े पर्दे पर देखने के लिए फैंस तरस गए थे। मगर फिल्म रिलीज के बाद वैसा कमाल नहीं दिखा पाई, जैसा करना चाहिए था। मिले-जुले रिव्यू के साथ गेम चेंजर का बॉक्स ऑफिस पर हाल बेहाल हो गया है..
शनिवार को लुढ़का बिजनेस
10 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हुई गेम चेंजर ने पहले दिन 51 करोड़ रुपये से खाता खोला था। हालांकि, ओपनिंग कलेक्शन के बाद से ही मूवी का हाल बेहाल हो गया। आलम यह है कि शनिवार को भी फिल्म की कमाई में उछाल नहीं आ पाया। सैकनिल्क के अर्ली ट्रेड के मुताबिक, गेम चेंजर ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर नौवें दिन 2.65 करोड़ रुपये का कारोबार किया है। यह अब तक का सबसे कम कलेक्शन बताया जा रहा है…
NEWSANP के लिए नई दिल्ली से ब्यूरो रिपोर्ट

