न्यू दिल्ली(NEW DELHI): ECI यानी भारतीय चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव और कई राज्यों के उपचुनाव को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने कुल 470 वरिष्ठ अधिकारियों को केंद्रीय ऑब्जर्वर (जनरल, पुलिस और व्यय) के रूप में तैनात करने का फैसला लिया है। ये सभी अधिकारी IAS, IPS और IRS पृष्ठभूमि से चुने गए हैं।
संवैधानिक शक्तियों के तहत तैनाती
आयोग ने यह तैनाती संविधान के अनुच्छेद 324 और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 20B के तहत की है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक सभी ऑब्जर्वर सीधे आयोग के अधीन रहेंगे और उनके कार्यों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
ऑब्जर्वरों की भूमिका
केंद्रीय ऑब्जर्वरों की जिम्मेदारी बेहद अहम होगी। वे न केवल चुनाव को निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने में मदद करेंगे, बल्कि समय-समय पर आयोग को रिपोर्ट भी भेजेंगे। आयोग ने उन्हें अपनी “आँख और कान” बताते हुए कहा कि ऑब्जर्वर सुधार के बिंदुओं की पहचान करेंगे और ठोस सुझाव देंगे।
तीन तरह के ऑब्जर्वर
जनरल ऑब्जर्वर – चुनाव प्रक्रिया की संपूर्ण निगरानी करेंगे।
पुलिस ऑब्जर्वर – सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर नजर रखेंगे।
व्यय ऑब्जर्वर – प्रत्याशियों के चुनावी खर्चों की निगरानी करेंगे।
अनुभवी अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी
आयोग ने बताया कि ऑब्जर्वरों में 320 IAS अधिकारी, 60 IPS अधिकारी और 90 IRS/IRAS/ICAS अधिकारी शामिल हैं। उनके प्रशासनिक अनुभव का लाभ सीधे चुनावी प्रक्रिया को मिलेगा।
किन राज्यों में तैनात होंगे
ऑब्जर्वर केवल बिहार ही नहीं, बल्कि कई राज्यों की उपचुनाव सीटों पर भी भेजे जाएंगे। इनमें शामिल हैं –
जम्मू-कश्मीर : बुडगाम और नागरोटा
राजस्थान : अंटा
झारखंड : घाटशिला
तेलंगाना : जुबली हिल्स
पंजाब : तरण तारण
मिजोरम : डम्पा
ओडिशा : नुआपाड़ा
लोकतंत्र की मजबूती का संकल्प
ECI यानी भारतीय चुनाव आयोग का मानना है कि ऑब्जर्वरों की तैनाती से न केवल चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि मतदाताओं का भरोसा भी मजबूत होगा। आयोग ने मतदाताओं से भी सक्रिय भागीदारी की अपील की है ताकि लोकतंत्र और मजबूत हो सके।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

