धनबाद, (DHANBAD)सीएसआईआर-केंद्रीय खनन और ईंधन अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-सीआईएमएफआर) ने आज सीएसआईआर के 83वें स्थापना दिवस के अवसर पर एक श्रृंखला कार्यक्रमों का आयोजन किया। सीएसआईआर-सीआईएमएफआर के निदेशक, डॉ. अरविंद कुमार मिश्रा ने अतिथियों का स्वागत किया और राष्ट्रीय विकास में सीएसआईआर के योगदान पर प्रकाश डाला, विशेष रूप से खनन प्रौद्योगिकियों को उन्नत करने में संस्थान की भूमिका को रेखांकित किया।

इस समारोह में आईआईटी हैदराबाद के निदेशक, प्रोफेसर बुडाराजू श्रीनिवास मूर्ति ने मुख्य अतिथि की भूमिका निभाये। जिसमें उन्होंने नवाचार, सहयोग और आत्मनिर्भर भारत की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने विचारों में स्वत्रंता , नवाचार के लिए एक सहायक वातावरण बनाने और वैश्विक साझेदारी के विस्तार की महत्ता पर चर्चा की।दिन के प्रमुख कार्यक्रमों में सीएसआईआर-सीआईएमएफआर और आईआईटी हैदराबाद के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर रहा। इस सहयोग का उद्देश्य शैक्षणिक आदान-प्रदान और संयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा देना है ताकि तकनीकी उन्नति को प्रोत्साहित किया जा सके।

एनटीपीसी के निदेशक (ऑपरेशंस) रवींद्र कुमार ने सीएसआईआर-सीआईएमएफआर की विभिन्न परियोजनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की…शोध परिषद के अध्यक्ष, प्रोफेसर डी.डी. मिश्रा ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रोबोटिक्स में प्रगति का आह्वान किया, और नवाचार, अनुसंधान और विकास (आरएंडडी) और अनुसंधान कार्यक्रमों के विस्तार में प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित किया…

समारोह का समापन कुछ औपचारिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ, जिसमें सेवानिवृत्त कर्मचारियों को स्मृति चिन्ह, 25 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को घड़ियाँ ,अकादमिक उत्कृष्टता की पहचान में, 2024 की सीनियर सेकेंडरी परीक्षा (12वीं कक्षा) में तीन या अधिक विज्ञान विषयों में 90% या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को एकमुश्त नकद पुरस्कार के रूप में 3,000 रुपये प्रदान किए गए और सीएसआईआर-सीआईएमएफआर कर्मचारियों के बच्चों को पुरस्कार वितरित किए गए।धन्यवाद ज्ञापन डॉ. बी.के. बैनर्जी ने दिया..
NEWSANP के लिए धनबाद से दीपक की रिपोर्ट

